मुजफ्फरपुर शेल्टर होम मामला: CBI का SC में दावा- शेल्टर होम में नहीं हुई किसी भी लड़की की हत्या

Muzaffarpur Shelter Home Case

चैतन्य भारत न्यूज

मुजफ्फरपुर. बिहार के बहुचर्चित मुजफ्फरपुर शेल्टर होम यौन उत्पीड़न (Muzaffarpur Shelter Home Case) मामले में बुधवार को नया खुलासा हुआ है। केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने इस मामले में अपनी रिपोर्ट दाखिल कर दी है। सीबीआई ने रिपोर्ट में दावा किया है कि किसी भी लड़की की हत्या शेल्टर होम में नहीं हुई, जो कंकाल और हड्डियां मिलीं उसमें कोई भी नाबालिग लड़की का नहीं है।



सीबीआई की तरफ से सुप्रीम कोर्ट में पेश हुए अटॉर्नी जनरल केके वेणुगोपाल ने यह दावा किया है कि, ‘वहां पर किसी भी लड़की की हत्या नहीं हुई है। जिनके मर्डर का शक था, वे सभी 35 लड़कियां बाद में जिंदा मिली हैं।’

14 जनवरी को आ सकता है कोर्ट का फैसला

बता दें, बिहार के 17 शेल्टर होम में यौन शोषण के मामले में सीबीआई ने अपनी जांच पूरी करके सुप्रीम कोर्ट को रिपोर्ट सौंपी है। जानकारी के मुताबिक, सीबीआई ने 25 डीएम और 71 अफसरों पर कार्रवाई की सिफारिश की है। हालांकि अब तक इन अफसरों के नाम सामने नहीं आए हैं। इस मामले में 14 जनवरी को कोर्ट फैसला सुना सकता है।

ब्रजेश ठाकुर है मुख्य आरोपी

दिल्ली की एक कोर्ट ने दिसंबर में मुजफ्फरपुर शेल्टर होम दुष्कर्म मामले का फैसला 14 जनवरी तक के लिए टाल दिया था। इस केस में मुख्य आरोपी ब्रजेश ठाकुर है। ब्रजेश ठाकुर द्वारा संचालित किए जा रहे बालिका आश्रय गृह में 40 से अधिक नाबालिग लड़कियों का कथित तौर पर यौन उत्पीड़न किया गया था। ब्रजेश के अलावा बिहार सरकार के समाज कल्याण विभाग के अधिकारी भी मामले में आरोपी है।

पॉक्सो, रेप और अन्य मामलों में केस

मामला सुर्खियों में आने के बाद सुप्रीम कोर्ट ने इसे बिहार से दिल्ली ट्रांसफर कर दिया। इस मामले की सुनवाई साकेत कोर्ट में चल रही है। 20 मार्च 2018 को कोर्ट ने इस मामले में आरोप तय किए थे। आरोपियों में 8 महिलाएं और 12 पुरुष शामिल हैं। बता दें कोर्ट ने बृजेश ठाकुर समेत 21 आरोपियों के खिलाफ पॉक्सो एक्ट, दुष्कर्म, आपराधिक साजिश और अन्य धाराओं के तहत आरोप तय किए थे। 4 आश्रय गृहों के खिलाफ अपनी प्रारंभिक जांच में सीबीआई ने किसी भी अपराध के सबूत नहीं पाए और इनके खिलाफ कोई एफआईआर दर्ज नहीं की गई है।

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