कालसर्प दोष से मुक्ति पाने के लिए नागपंचमी पर करें पूजा, जानिए उपाय और मंत्र

चैतन्य भारत न्यूज 

सावन महीने की शुक्ल पक्ष पंचमी तिथि को नाग पंचमी मनाई जाती है। इस साल यह तिथि 13 अगस्त को है। नाग पंचमी पर कालसर्प दोष से मुक्ति के लिए पूजा का विधान शास्त्रों में बताया गया है। नागपंचमी के दिन पूजन करने से नागों की कृपा के साथ शनि, राहु आदि ग्रहों के नकारात्मक प्रभाव से भी मुक्ति मिलती है।

नागपंचमी का महत्व

नागपंचमी के दिन नाग देवता की पूजा-अर्चना की जाती है। हिन्दू धर्म में नाग को भगवान शिव शंकर के गले का हार और सृष्टि के पालनकर्ता श्री हरि विष्णु की शैय्या माना जाता है। ऐसे में कहा जाता है कि नागपंचमी के दिन अगर नाग देवता को दूध पिलाया जाए और उनकी पूजा-अर्चना की जाए तो वह किसी को नुकसान नहीं पहुंचाते हैं। मान्यता है कि, कुंडली से कालसर्प दोष दूर करने के लिए नागपंचमी के दिन नाग देवता की पूजा और रुद्राभिषेक करना चाहिए। ऐसा करने से इस दोष से मुक्ति मिल जाती है।

नागपंचमी पर कालसर्प दोष के उपाय

  • कालसर्प दोष दूर करने के लिए नागपंचमी के दिन चांदी के नाग- नागिन के जोड़े की विधिवत पूजा करें।
  • पूजा करने के बाद नाग-नागिन के जोड़े को बहते जल में प्रवाहित कर दें।
  • नागपंचमी के दिन किसी ऐसे शिव मंदिर में जाएं जहां नाग न हो। वहां जाकर चांदी के नाग को चढ़ाएं।
  • इसके अलावा नागपंचमी के दिन भगवान शिव के मंदिर में जाकर गुलाब इत्र चढ़ाएं और प्रतिदिन उसी इत्र को लगाएं।
  • नागपंचमी के दिन शिवलिंग पर चंदन तथा चंदन का इत्र लगाएं।
  • नागपंचमी के दिन रुद्राभिषेक कराएं और शिवमंत्र का 108 बार जाप करें।

nagpanchmi ,nagpanchmi 2019,nagpanchmi puja vidhi,nagpanchmi,kalsarp dosh ke upay

मंत्र

सर्वे नागा: प्रीयन्तां मे ये केचित् पृथिवीतले।

ये च हेलिमरीचिस्था येन्तरे दिवि संस्थिता।।

ये नदीषु महानागा ये सरस्वतिगामिन:।

ये च वापीतडागेषु तेषु सर्वेषु वै नम:।।

जानिए कितने प्रकार के होते हैं कालसर्प दोष

  • कुलिक कालसर्प दोष।
  • वासुकी कालसर्प दोष।
  • शंखपाल कालसर्प दोष।
  • पद्म कालसर्प दोष।
  • महापद्म कालसर्प दोष।
  • तक्षक कालसर्प दोष।
  • कर्कोट कालसर्प दोष।
  • शंखनाद कालसर्प दोष।
  • पातक कालसर्प दोष।
  • विषाक्तर कालसर्प दोष।
  • शेषनाग कालसर्प दोष।

Related posts