AMU में बोले पीएम मोदी का संबोधन- भारत पर है दुनिया की नजर, मतभेदों के नाम पर बहुत समय हुआ बर्बाद

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चैतन्य भारत न्यूज

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के शताब्दी समारोह में हिस्सा लिया। अपने संबोधन में उन्होंने एएमयू के योगदान की तारीफ की। प्रधानमंत्री ने कहा कि सर सैयद का संदेश कहता है कि हर किसी की सेवा करें, चाहे उसका धर्म या जाति कुछ भी हो।

शताब्दी समारोह को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपनी सरकार के कामों का बखान किया, साथ ही उन योजनाओं को गिनाया जिसके जरिए देश के हर नागरिक को लाभ मिल रहा है। उन्होंने कहा कि यहां अनेक विभाग, दर्जनों हॉस्टल, हजारों टीचर-छात्रों के बीच एक मिनी इंडिया नजर आता है। प्रधानमंत्री ने कहा कि एएमयू में भी अब 35 फीसदी तक मुस्लिम बेटियां पढ़ रही हैं। उन्होंने कहा कि एएमयू के सौ साल पूरे होने पर सौ हॉस्टल के छात्र कुछ रिसर्च करें। प्रधानमंत्री ने कहा कि समाज में वैचारिक मतभेद होते हैं, लेकिन जब बात राष्ट्र के लक्ष्य के प्राप्ति की हो तो सभी मतभेदों को किनारे रख देना चाहिए।

इसी दौरान अपने संबोधन में पीएम मोदी ने कहा, ‘सर सैयद का संदेश कहता है कि हर किसी की सेवा करें, चाहे उसका धर्म या जाति कुछ भी हो। ऐसे ही देश की हर समृद्धि के लिए उसका हर स्तर पर विकास होना जरूरी है, आज हर नागरिक को बिना किसी भेदभाव के विकास का लाभ मिल रहा है। पीएम बोले कि नागरिक संविधान से मिले अधिकारों को लेकर निश्चिंत रहे, सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास ही सबसे बड़ा मंत्र है। जो देश का है, वो हर देशवासी है और उसका लाभ हर किसी को मिलना चाहिए।

आज पूरी दुनिया की नजर भारत पर है

  • हमें समझना होगा कि सियासत सोसाइटी का अहम हिस्सा है। लेकिन सोसाइटी में सियासत के अलावा भी दूसरे मसले हैं। सियासत और सत्ता की सोच से बहुत बड़ा, बहुत व्यापक किसी देश का समाज होता है।
  • समाज में वैचारिक मतभेद होते हैं, लेकिन जब बात राष्ट्रीय लक्ष्यों की प्राप्ति की हो, तो हर मतभेद किनारे रख देने चाहिए। जब आप सभी युवा साथी इस सोच के साथ आगे बढ़ेंगे तो ऐसी कोई मंजिल नहीं, जो हम हासिल न कर सकें।
  • पिछली शतब्दी में मतभेदों के नाम पर बहुत समय पहले ही जाया हो चुका है। अब समय नहीं गंवाना है, सभी को एक लक्ष्य के साथ मिलकर नया भारत, आत्मनिर्भर भारत बनाना है।
  • आज पूरी दुनिया की नजर भारत पर है। जिस सदी को भारत की बताया जा रहा है, उस लक्ष्य की तरफ भारत कैसे आगे बढ़ता है, इसे लेकर सब उत्सुक हैं। इसलिए हम सबका एकनिष्ठ लक्ष्य ये होना चाहिए कि भारत को आत्मनिर्भर कैसे बनाएं।

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