मंगल ग्रह पर NASA के Perseverance Rover की सफलतापूर्वक लैंडिंग हुई, भारत की बेटी ने निभाई अहम भूमिका

चैतन्य भारत न्यूज

अमेरिका की स्पेस एजेंसी NASA ने गुरुवार की रात विज्ञान की दुनिया में एक और मील का पत्थर अपने नाम किया है। नासा ने 18 फरवरी की रात करीब 2:30 बजे अपने मार्स पर्सिवरेंस रोवर को जेजेरो क्रेटर में सफलतापूर्वक लैंड कराया। इस लैंडिंग के दौरान एक महिला लगातार पूरी दुनिया को रोवर की स्थिति के बारे में बता रही थी। वह महिला भारतीय मूल की अमेरिकी साइंटिस्ट हैं जिनका नाम है स्वाति मोहन।


अमेरिका पहला ऐसा देश बन गया है जिसने मंगल ग्रह पर सबसे ज्यादा रोवर भेजे हैं। इस रोवर को मंगल ग्रह पर भेजने का मकसद है प्राचीन जीवन का पता लगाना। मिट्टी और पत्थरों का सैंपल लेकर धरती पर वापस आना। बता दें जेजेरो क्रेटर मंगल ग्रह का सबसे दुर्गम इलाका है। यहां गहरी घाटियां, तीखे पहाड़, नुकीले क्लिफ, रेत के टीले और पत्थरों का समुद्र भी है। ऐसे में पर्सिवरेंस मार्स रोवर की सफलतापूर्वक लैंडिंग करना बड़ी चुनौती थी। इस पर पूरे समय दुनिया भर के वैज्ञानिकों की निगाहें टिकी हुई थीं।

सबसे सटीक लैंडिंग मिशन

नासा ने पहले ही बता दिया था कि यह अब तक की सबसे सटीक लैंडिंग होगी। माना जाता है कि जेजेरो क्रेटर में पहले नदी बहती थी। जो कि एक झील में जाकर मिलती थी। लेकिन फिर वहां पंखे के आकार का एक डेल्टा बन गया। हो सकता है कि वहां पर जीवन के संकेत मिलें।

स्वाति मोहन का मिशन में अहम् योगदान

भारतवंशी अमेरिकी साइंटिस्ट स्वाति मोहन का इस मिशन में अहम् योगदान है। वह कैलिफोर्निया स्थित पासाडेना में मौजूद नासा की जेट प्रोपल्शन लेबोरेटरी (JPL) में काम करती हैं। ये मार्स पर्सिवरेंस रोवर मिशन यानी मार्स 2020 मिशन की गाइडेंस, नेविगेशन एंड कंट्रोल्स ऑपरेशंस की प्रमुख हैं। नासा का मार्स पर्सिवरेंस रोवर कब कितनी गति से कहां उतरेगा। उसका दिशा और दशा क्या होगी। वह किस ऊंचाई पर कितनी गति से चलेगा। यह सारा नियंत्रण स्वाति मोहन और उनकी टीम के जिम्मे था। जिसको इन्होंने पूरी बारीकी से निभाया।

पता चलेगा कि भविष्य में इंसान रह पाएंगे मंगल पर या नहीं

पर्सिवरेंस मार्स रोवर और इंजीन्यूटी हेलिकॉप्टर मंगल ग्रह पर कार्बन डाईऑक्साइड से ऑक्सीजन बनाने का काम करेंगे। मौसम का अध्ययन करेंगे। ताकि भविष्य में मंगल ग्रह पर जाने वाले एस्ट्रोनॉट्स को आसानी हो। रोवर में लगा मार्स एनवायरनमेंटल डायनेमिक्स एनालाइजर यह बताएगा कि मंगल ग्रह पर इंसानों के रहने लायक स्थिति है या नहीं। इसमें तापमान, धूल, वायुदाब, धूल और रेडिएशन आदि का अध्ययन किया जाएगा।

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