राष्ट्रीय कैंसर जागरूकता दिवस : ये हो सकते हैं कैंसर होने के कारण, आईने के सामने खड़े होकर लगाएं पता

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चैतन्य भारत न्यूज

भारत में कैंसर और उसके लक्षणों एवं उपचार के बारे में लोगों को जागरूक करने के लिए हर साल भारत में 7 नवंबर को ‘राष्ट्रीय कैंसर जागरूकता दिवस’ मनाया जाता है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने साल 2014 में इस दिन को मनाने की घोषणा की थी।


किसी भी हिस्से में होने वाले बदलाव को नजरअंदाज न करें 

मेडिकल साइंस में करीब 200 तरह के ज्ञात कैंसर हैं, जिनमें से 70 प्रतिशत ऐसे हैं, जिन्हें समय रहते पहचाना जा सकता है। गलत खान-पान, तंबाकू, अनुवांशिकता, मोटापा और सुस्ती को भी कैंसर होने की बड़ी वजह माना जा रहा है। इसके अलावा डाइट भी कैंसर होने का एक कारण माना जा रहा है। विशेषज्ञों के मुताबिक, कैंसर चाहे किसी भी तरह का हो, लेकिन 70 फीसदी मामलों में मरीज पूरी तरह से ठीक हो सकते हैं। ब्रेस्ट, गर्भाशय, मुंह और गले समेत कुछ ऐसे कैंसर हैं जिनके लक्षण नजर आने के बाद उसके बारे में समय रहते पता चल जाता है। लेकिन लिवर, पैंक्रियास, ब्लड, आंतों और शरीर के कुछ आंतरिक अंगों में होने वाले कैंसर के लक्षण नजर नहीं आते, जिन्हें पहचानने में भी देरी हो जाती है। डॉक्टरों का कहना है कि आप शरीर के किसी भी हिस्से में होने वाले बदलाव को नजरअंदाज बिलकुल भी न करें। हालांकि, मुंह या फिर यूरिन में ब्लड या कोई भी गठान हो तो उसकी जांच जरूर करवा लें।

पैक्ड खाना व नॉनस्टिक बर्तनों का इस्तेमाल जानलेवा  

कई अंतरराष्ट्रीय स्टडीज में भी यह सामने आया है कि प्लास्टिक की बोतल में गर्म पानी, पैक्ड खाना, प्रिसर्वेटिव खाने का इस्तेमाल और नॉनस्टिक बर्तनों का प्रयोग करना भी कैंसर का कारक बताया है। दरअसल नॉनस्टिक बर्तनों में खुरचन के कारण कार्बन खाने के साथ मिल जाता है जो शरीर के लिए नुकसानदेह होता है। पैक्ड फूड में इस्तेमाल किया जाने वाला सोडियम बेंजोइक या फिर बेंजोइक एकड़ से भी शरीर को नुकसान होता है। प्लास्टिक की बोतल में गर्म पानी रखने या उसे पीने से भी शरीर को नुकसान पहुंचता है।

आईने के सामने खड़े होकर भी पता लगा सकते हैं कैंसर

आप घंटों तक आईने के सामने खड़े होकर अपनी खूबसूरती निहारते होंगे, लेकिन शायद आप यह नहीं जानते होंगे कि आईने में देखकर आप इस गंभीर बीमारी का भी पता लगा सकते हैं। जी हां… डॉक्टर की जांच से पहले महज कुछ ही मिनटों में महिलाओं ब्रेस्ट कैंसर और पुरुष ओरल कैंसर के बारे में पता लगा सकते हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, ज्यादातर लोग कैंसर की तीसरी या चौथी स्टेज पर पहुंचने के बाद डॉक्टर के पास जाते हैं। ऐसे ही जागरूकता के आभाव में हर साल हजारों लोग मौत के मुंह में चले जाते हैं। बीमारी के बढ़ जाने के बाद 70 प्रतिशत कैंसर के मरीजों को बचा पाना मुश्किल हो जाता है। आइए जानते हैं किस तरह आप आईने के सामने खड़े होकर कैंसर होने का पता लगा सकते हैं-

ऐसे लगाए कैंसर का पता

  • विशषज्ञों के मुताबिक, आईने के सामने खड़े होकर आप अपने चेहरे के दोनों हिस्सों को बारीकी से देखें। दोनों हिस्सों की आपस में तुलना करें। यदि किसी एक तरफ सूजन या गठान दिखती है तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। हालांकि, यह जरुरी नहीं है कि हर बार सूजन या गठान कैंसर का कारण हो।
  • इसके अलावा आप अपने मुंह के अंदर टोर्च की रोशनी डालकर देखें, यदि अंदर सफेद और लाल रंग के धब्बे दिखे तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।
  • चेहरे, गर्दन या मुंह के अंदर यदि कोई छाला दो सप्ताह में भी ठीक न हो।
  • बार-बार मुंह से खून आना, चेहरे, मुंह, गर्दन के किसी हिस्से में दर्द या सुन्नपन होना।

यह जरुरी नहीं है कि हर गठान, सूजन, छाला या दाग कैंसर ही हो। ब्रेस्ट में होने वाली 80 प्रतिशत गठाने कैंसर नहीं होती है। इसलिए आपको घबराने की कोई जरुरत नहीं है। सभी प्रकार के कैंसर के प्रति जागरूकता की जरुरत होना जरुरी है। इसलिए आप समय-समय पर अपनी जांच करवाते रहे।

(विशेष ध्यानार्थः यह आलेख केवल पाठकों की अति सामान्य जागरुकता के लिए है। चैतन्य भारत न्यूज का सुझाव है कि इस आलेख को केवल जानकारी के दृष्टिकोण से लें। इनके आधार पर किसी बीमारी के बारे में धारणा न बनाएं या उसके इलाज का प्रयास न करें। यह भी याद रखें कि स्वास्थ्य से संबंधित उचित सलाह, सुझाव और इलाज प्रशिक्षित डॉक्टर ही कर सकते हैं।)

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