राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने 10 बालिकाओं सहित 22 बच्चों को दिया ‘राष्ट्रीय वीरता पुरस्कार’

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चैतन्य भारत न्यूज

नई दिल्ली. राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने राष्ट्रपति भवन में आयोजित एक समारोह में देशभर के 22 बच्चों को राष्ट्रीय वीरता पुरस्कार से सम्मानित किया। इसमें दो बच्चे जम्मू और कश्मीर से भी शामिल हैं। गैर सरकारी संस्था भारतीय बाल कल्याण परिषद (इंडियन काउंसिल ऑफ चाइल्ड वेलफेयर) ने इन पुरस्कारों की घोषणा की थी। इनमें 12 लड़के और 10 लड़कियां शामिल हैं।



एक बच्चे को मरणोपरांत पुरस्कार दिया गया। केरल के 15 वर्षीय आदित्य कुमार को भारत अवॉर्ड से नवाजा गया। भारत पुरस्कार के तहत परिषद की ओर से 50 हजार रुपए की राशि प्रदान की जाती है। आदित्य ने बस में सफर के दौरान 40 लोगों की जान बचाई थी।

खबरों के मुताबिक, आदित्य उस बस में सवार था और आग लगने के बाद बस का ड्राइवर बस छोड़ कर भाग गया था और बस में धुआं भरने की वजह से  यात्री चीख पुकार करने लगे थे। ऐसे में आदित्य ने सूझबूझ दिखाते हुए बस के शीशे को तोड़ दिया जिससे यात्री बाहर निकल पाए। वहीं केरल के रहने वाले 17 वर्षीय मोहम्मद मुहसिन ईसी ने अपने तीन दोस्तों को गहरे समुद्र में डूबने से बचाया लेकिन खुद समुद्र में डूब गया। उसका शव अगले दिन मिला। इस बहादुर बच्चे को मरणोपरांत अभिमन्यु अवार्ड से नवाजा जाएगा।

ये बच्चे हुए भी सम्मानित

सामान्य पुरस्कार पाने वालों में मणिपुर की 8 साल की लारेंबम याईखोंबा मंगांग, मिजोरम की 17 वर्षीय लालियानसांगा, कर्नाटक की 11 वर्षीय बेंकटेश, छत्तीसगढ के नौ वर्ष के कांति पैकरा, जम्मू कश्मीर के 18 वर्षीय मुदासिर अशरफ, कर्नाटक की 9 वर्षीय आरती किरण शेट, मिजोरम की 11 कैरोलिन मलसामतुआंगी, छत्तीसगढ की साढे 12 भामेरी निर्मलकर, मेघालय के 11 वर्षीय एवरब्लूम के नोंगरम, हिमाचल प्रदेश के 13 वर्षीय अलाईका, असम के 11 वर्षीय कमल कृष्णा दास, केरला के 13 वर्षीय फतह पीके, मिजोरम के 13 वर्षीय बनलालरियातरेंगा , महाराष्ट्र के 11 वर्षीय जेन सदावरते व 15 आकाश मच्छिंद्रा खिल्लारे शामिल हैं। बता दें सामान्य सम्मान के तहत प्रत्येक को 20-20 हजार रुपए की राशि प्रदान की जाती है।

इस बार बदल दिए पुरुस्कारों के नाम

आईसीसीडब्ल्यू ने इस साल से पुरस्कारों के नाम भी बदल दिए हैं। पहले संजय चोपड़ा, गीता चोपड़ा, बापू गेधानी नाम से पुरस्कार दिए जाते थे। इस बार से इनके स्थान पर मार्कंडेय पुरस्कार, ध्रुव पुरस्कार, अभिमन्यु पुरस्कार, प्रह्लाद पुरस्कार, व श्रवण नाम से पुरस्कार दिया गया। परिषद की संरक्षक गीता सिद्धार्थ का कहना है कि बहुत समय से पुराने नाम पर ही पुरस्कार दिए जा रहे थे इसलिए इनको बदला गया है।

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