बालों के चलते नीग्रो से होने वाले भेदभाव को खत्म करने वाला पहला राज्य बना कैलिफोर्निया

चैतन्य भारत न्यूज

कैलिफोर्निया. दुनिया में कई ऐसे देश हैं जहां लोगों को लैंगिक, नस्लीय, रंगभेद जैसे भेदभावों का सामना करना पड़ता है। ठीक इसी तरह नीग्रो समुदाय (अश्वेत) को उनके घुंघराले बालों और हेयर स्टाइल को लेकर भी भेदभाव का सामना करना पड़ता है। इसी को देखते हुए अमेरिका के कैलिफोर्निया ने अपने यहां कार्यस्थलों और स्कूलों में हेयर स्टाइल को लेकर होने वाले भेदभाव को खत्म करने का विधेयक पारित किया है। यह कदम उठाने वाला कैलिफोर्निया पहला राज्य बन गया है। कैलिफोर्निया के गवर्नर गेविन न्यूजोम ने इस बिल को मंजूरी दे दी है। इसे ‘क्राउन एक्ट’ का नाम दिया गया है।

इन राज्यों ने भी दिया प्रस्ताव

पिछले दिनों अमेरिका में हेयर स्टाइल को लेकर एक अश्वेत महिला से भेदभाव की घटना हुई थी। इसके बाद लॉस एंजेलिस की डेमोक्रेटिक सांसद सेन हॉली ने ऐसे मामलों पर रोक लगाने के लिए कानून लागू करने की मुहीम चलाई थी। कैलिफोर्निया, लॉस एंजेलिस के बाद अब न्यूयॉर्क और न्यू जर्सी के सांसदों ने भी यह कानून लाने का प्रस्ताव दिया है।

कई लोग हो चुके हैं भेदभाव का शिकार

नीग्रो समुदाय के बालों की बनावट को लेकर कई माता-पिता शिकायत कर चुके हैं कि, कई बार उनके बच्चों को स्कूल से सिर्फ इसलिए वापस भेज दिया गया था कि उनके बाल अराजक और जंगली लोगों की तरह दिखते हैं। पिछले साल दिसंबर में एक अश्वेत पहलवान को बालों की चोटी यानी ड्रेडलॉक्स कटाने पर मजबूर होना पड़ा था। इसके बाद इस मामले पर पकड़ मजबूत हुई। इस घटना के बाद फरवरी में न्यूयॉर्क मानवाधिकार आयोग ने भी स्कूलों और कार्यस्थल में बालों के होने वाले भेदभाव को रोकने के लिए दिशा-निर्देश जारी किए हैं।

कई सालों से होता आ रहा है अश्वेतों से भेदभाव 

अश्वेतों के साथ पिछले लंबे समय से इस तरह का भेदभाव होता आ रहा है। 1619 से 1865 तक अमेरिका में जो अफ्रीकी बंदी थे उन्हीं की संताने अब अमेरिका में अफ़्रीकी अमरीकी के रूप में जानी जाती है। इसमें से कुछ को गुलामों की तरह बेच दिया जाता था। इस इतिहास के स्मरण में हर साल फरवरी में आयोजन भी किया जाता है। जिसे ‘ब्लैक हिस्ट्री मंथ’ कहा जाता है।

 

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