निकिता तोमर हत्याकांड: तौफीक और रेहान को उम्रकैद की सजा, जबरन धर्म परिवर्तन कर शादी का दबाव डाल रहे थे आरोपी

चैतन्य भारत न्यूज

हरियाणा के फरीदाबाद के बहुचर्चित निकिता तोमर हत्याकांड में शुक्रवार को फास्ट ट्रैक कोर्ट ने अपना फैसला सुनाया। कोर्ट ने दोनों दोषियों तौसीफ और रेहान को उम्रकैद की सजा सुनाई है। साथ ही 20-20 हजार रुपए के जुर्माने की सजा सुनाई। सजा के ऐलान के बाद निकिता की मां विजयावती ने कहा कि हम कोर्ट के फैसले से संतुष्ट नहीं हैं। उन्होंने इस मामले में आगे अपील करने की बात कही।

26 को हत्या, 26 को ही मिली सजा

माना जा रहा था कि दोनों दोषियों को फांसी की सजा सुनाई जाएगी। फैसले की सबसे खास बात यह रही कि वारदात पिछले साल 26 अक्टूबर को हुई थी। हत्याकांड के 151 दिन बाद 26 तारीख को ही कोर्ट ने अपना फैसला सुनाया। दोनों ही दोषियों को आज कड़ी पुलिस सुरक्षा के बीच अदालत में पेश किया गया था। सजा के ऐलान से पहले अदालत परिसर को पूरी तरह छावनी में तब्दील कर दिया गया था। अदालत के सभी गेटों पर भारी पुलिस बल तैनात था।

पीड़ित परिवार ने कहा- फांसी होनी चाहिए थी

दोषियों को सजा सुनाए जाने के बाद निकिता के पिता मूलचंद तोमर ने कहा कि, ‘अदालत के फैसले का स्वागत है, लेकिन वो दोषियों को फांसी की सजा दिलाने के लिए सुप्रीम कोर्ट तक लड़ाई लड़ेंगे।’ वहीं, निकिता की माता विजयवती ने कहा कि, ‘दोनों दोषियों को फांसी की सजा होनी चाहिए थी।’

एग्जाम के दिन कॉलेज गई थी निकिता

मामला अक्टूबर 2020 का है जब 21 साल की बीकॉम फाइनल ईयर की निकिता तोमर को सरेराह गोली मार दी गई थी। निकिता उस दिन एग्जाम देने के लिए कॉलेज गई थी। तब तौसीफ और रेहान उसके पीछे पड़ गए थे। निकिता के परिजनों की मानें तो तौसीफ पिछले काफी समय से निकिता से जबरदस्ती दोस्ती करना चाहता था। उनका कहना है कि निकिता के लाख मना करने के बावजूद तौसीफ लगातार निकिता पर धर्म परिवर्तन करने और शादी करने का दबाव डाल रहा था।

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