सिर्फ 15 मिनट में ही ब्रेस्ट कैंसर का पता लगा लेती है यह डिवाइस, 30 अस्पतालों में उपलब्ध

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चैतन्य भारत न्यूज

बेंगलुरू. विश्व स्वास्थ्य संगठन के मुताबिक, हर साल 21 लाख महिलाएं स्तन (ब्रेस्ट) कैंसर की चपेट में आती है। भारत के आंकड़ों पर नजर डालें तो हर 28वीं महिला को किसी ने किसी रूप में ब्रेस्ट कैंसर होता है। डब्लूएचओ का कहना है कि भारत में महिलाओं को कैंसर के प्रति जागरूक करना बेहद जरूरी है। इस स्थिति में बदलाव लाने के लिए बेंगलुरू की एक आईटी प्रोफेशनल संघर्ष कर रही हैं। गीता मंजूनाथ के हेल्थ स्टार्टअप ‘निरामई’ ने ऐसी एआई बेस्ड थर्मल सेंसर डिवाइस बनाई है, जो ब्रेस्ट कैंसर की पहचान शुरुआती स्टेज में ही कर लेती है। यानीकि तब, जब इस बीमारी के लक्षण महसूस भी नहीं होते।



गीता के मुताबिक, अभी देश में मेमोग्राफी से ब्रेस्ट कैंसर को डिटेक्ट किया जाता है। 45 साल से कम उम्र की महिलाओं में यह तरीका उतना सफल नहीं है। लेकिन थर्मल सेंसर डिवाइस छाती के घटते-बढ़ते तापमान पर नजर रखती है साथ ही इसकी तस्वीरें लेती है। इसके अलावा इस डिवाइस से 5 एमएम के छोटे ट्यूमर की पहचान भी आसानी से हो जाती है। इसमें सिर्फ 10-15 मिनट लगते हैं।

25 हजार से ज्यादा महिलाओं की हो चुकी स्क्रीनिंग

गीता ने बताया कि, इससे जांच के अच्छे परिणाम मिले तो उसी रिसर्च टीम के साथ ‘निरामई’ की नींव रखी। हमारी डिवाइस से अब तक 25 हजार से ज्यादा महिलाओं की स्क्रीनिंग की जा चुकी है। इतना ही नहीं बल्कि बेंगलुरु, मैसूरु, हैदराबाद, चेन्नई, मुंबई, दिल्ली जैसे 12 शहरों और 30 से ज्यादा अस्पतालों में यह डिवाइस इस्तेमाल हो रही है। उन्होंने बताया कि, संस्था को निवेशकों से 50 करोड़ रुपए का फंड भी मिला है। हाल ही में गेट्स फाउंडेशन ने निरामई को रिवर ब्लाइंडनेस की रोकथाम के लिए सॉफ्टवेयर बनाने की जिम्मेदारी दी है।

बहनों की मौत के बाद कुछ करना चाहती थी गीता

गीता ने बताया कि, ब्रेस्ट कैंसर होने की वजह से उनकी दो चचेरी बहन की मौत हो गई थी। इसके बाद उन्होंने इस दिशा में कुछ करने की ठानी थी। वे बताती है कि, ’30 साल से भी कम उम्र में ब्रेस्ट कैंसर से दोनों बहनों की मौत हो गई थी। अगर कैंसर का समय पर पता चल जाता, तो वे बच सकती थीं। इसके लिए मैं कुछ करना चाहती थी। इसके बाद मैंने अपने एक साथी से थर्मोग्राफी पर बात की। यह इंफ्रारेड इमेज के आधार पर विश्लेषण की तकनीक है। मैंने एक छोटी रिसर्च टीम तैयार की और आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस की मदद से कैंसर की जल्द पहचान करने में सक्षम एक डिवाइस बनाई।’

ये होते हैं ब्रेस्ट कैंसर के लक्षण

  • ब्रेस्ट या निप्पल में दर्द।
  • ब्रेस्ट में सूजन, गिलटी का आना।
  • निप्पल से डिसचार्ज (ब्रेस्ट मिल्क नहीं)।
  • निप्पल्स का अंदर की ओर धंसना।
  • ब्रेस्ट की स्किन या निप्पल लाल रंग का होना।
  • ब्रेस्ट में निप्पल के पास या कहीं भी लंप होना।
  • अंडर आर्म के पास लंप का होना।
  • ब्रेस्ट साइज का बड़ा होना या फिर साइज का बदलना।
  • निप्लस से खून का आना।
  • निप्पल्स की थिकनेस में बदलाव।
  • ब्रेस्ट के आसपास की हड्डियों में दर्द का होना।
  • यदि आपको इसमें से कोई भी लक्षण दिखाई दे तो तुरंत अच्छे डॉक्टर से संपर्क करें।

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