निर्भया केस: दोषियों को फांसी से बचाने के लिए परिवार का नया पैंतरा, राष्ट्रपति से मांगी इच्छामृत्यु

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चैतन्य भारत न्यूज

नई दिल्ली. निर्भया सामूहिक दुष्कर्म और हत्या के मामले में फांसी की सजा पाने वाले चारों दोषियों के परिवारवालों ने रविवार को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को पत्र लिखकर इच्छामृत्यु की अनुमति मांगी।



चिट्‌ठी में कहा गया है कि, ‘उनकी आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है। ऐसे में दोषियों को फांसी होने के बाद उनके जीने का कोई मतलब नहीं है। हमारे अनुरोध को स्वीकार करें और भविष्य में होने वाले किसी भी अपराध को रोकें, ताकि निर्भया जैसी दूसरी घटना न हो और अदालत को ऐसा न करना पड़े कि एक के स्थान पर पांच लोगों को फांसी देनी पड़े।’ उन्हाेंने चिट्ठी में लिखा है कि ‘ऐसा काेई पापी नहीं हैं, जिन्हें माफ नहीं किया जा सकता है। हमारे देश में महापापी (महान पापी) को क्षमा कर रहे हैं। बदला की परिभाषा शाक्ति नहीं है। क्षमा करना शक्ति है।’

बता दें, दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने चारों दोषियों (विनय कुमार शर्मा, पवन कुमार गुप्ता, मुकेश सिंह और अक्षय) को फांसी देने के लिए डेथ वारंट जारी किया है। कोर्ट द्वारा जारी चौथे डेथ वारंट के मुताबिक, आगामी 20 मार्च की सुबह 5:30 बजे चारों दोषियों को एक साथ फांसी की सजा दी जानी है।

गौरतलब है कि 16 दिसंबर, 2012 की रात चलती बस में 23 वर्षीय पैरामेडिकल छात्रा के साथ छह लोगों ने सामूहिक दुष्कर्म और हत्या की थी। इस मामले में निचली अदालत से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक से चारों दोषियों मुकेश, विनय, पवन और अक्षय को फांसी की सजा सुनाई गई है। चारों दोषियों के सभी कानूनी विकल्प समाप्त हो चुके हैं और राष्ट्रपति भी उनकी दया याचिका खारिज कर चुके हैं।

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