निर्भया केस : पटिलाया हाउस कोर्ट ने दोषियों के ‘डेथ वॉरंट’ पर फैसला 7 जनवरी तक के लिए टाला

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चैतन्य भारत न्यूज

नई दिल्ली. सुप्रीम कोर्ट ने निर्भया सामूहिक दुष्कर्म के गुनाहगार अक्षय कुमार की पुनर्विचार याचिका को खारिज कर दिया। ऐसे में सबकी निगाहें पटियाला हाउस कोर्ट पर टिकीं थी। वहीं पटियाला हाउस कोर्ट ने दोषियों के डेथ वॉरंट पर फैसला 7 जनवरी 2020 तक के लिए टाल दिया है।



कोर्ट ने कहा कि चारों दोषियों को जेल प्रशासन नोटिस जारी करे। कोर्ट का कहना है कि दोषी अपने बचे सभी कानूनी अधिकार इस्तेमाल कर सकते हैं। हालांकि निर्भया के माता-पिता ने चारों दोषियों को जल्द-से-जल्द फांस दिए जाने की मांग के साथ कोर्ट से डेथ वॉरंट जारी करने की गुहार लगाई थी। इस पर कोर्ट ने सुनवाई करते हुए निर्भया की मां से कहा कि, ‘आपके साथ पूरी सहानुभूति है, लेकिन दोषी के भी अधिकार हैं। हम यहां आपको सुनने के लिए हैं लेकिन कानून से भी बंधे हैं।’

वहीं सुप्रीम कोर्ट में फैसला सुनाते हुए जस्टिस भानुमति ने कहा कि, ‘ट्रायल और जांच सही हुई है और उसमें कोई खामी नहीं है। मृत्यु दंड का सवाल है तो उसमें कोर्ट ने बचाव का पूरा मौका दिया है।’ जज ने कहा कि, ‘हमें याचिका में कोई ग्राउंड नहीं मिला है। इस तरह अक्षय की पुनर्विचार याचिका खारिज कर दी गई।’ बता दें 16-17 दिसंबर 2012 की रात दक्षिण दिल्ली के मुनिरका में बस स्टॉप से पारामेडिकल की छात्रा ‘निर्भया’ का अपहरण कर 6 लोगों ने उसके साथ बस में बर्बरतापूर्ण तरीके से सामूहिक दुष्कर्म किया था।

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