निर्भया केस: फांसी रुकवाने के लिए दोषी अक्षय ने आजमाया यह पैंतरा

akshay singh

चैतन्य भारत न्यूज

नई दिल्ली. निर्भया सामूहिक दुष्कर्म और हत्या के दोषियों की फांसी का समय जैसे-जैसे नजदीक आ रहा है, वे इससे बचने के लिए नए-नए पैंतरे आजमा रहे हैं। अब दोषी अक्षय सिंह ने सुप्रीम कोर्ट में क्यूरेटिव पिटीशन (सुधारात्मक याचिका) दाखिल की है। बता दें अन्य दोषी मुकेश और विनय की क्यूरेटिव पिटीशन पहले ही खारिज हो चुकी है। जबकि मुकेश की दया याचिका भी राष्ट्रपति ने खारिज कर दी है।


चारों दोषियों से पूछी गई उनकी आखिरी इच्छा

जानकारी के मुताबिक, विनय बुधवार को राष्ट्रपति के पास दया याचिका भी भेजने वाला है। सूत्रों के मुताबिक, मंगलवार को जेल प्रशासन ने दोषियों से नोटिस देकर उनकी आखिरी इच्छा भी पूछी है। नोटिस में पूछा गया कि, वे मरने से पहले आखिरी बार किस्से मिलना चाहते हैं? अगर उनके नाम कोई प्रॉपर्टी है तो फांसी से पहले वो उसे किसके नाम करना चाहते हैं? उन्हें किसी धार्मिक किताब को पढ़ना हो या फिर किसी धर्मगुरु से मिलने की इच्छा हो तो जेल प्रशासन इसमें उनकी मदद कर सकता है।

क्या है क्यूरेटिव पिटीशन?

क्यूरेटिव पिटीशन दोषियों को कानून की तरफ से मिलने वाला एक अधिकार है। इस पिटीशन को तब दाखिल किया जाता है, जब किसी दोषी की राष्ट्रपति के पास भेजी गई दया याचिका और सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका खारिज कर दी जाती है। ऐसे में क्यूरेटिव पिटीशन दोषी के पास मौजूद अंतिम मौका होता है, जिसके द्वारा वह अपने लिए निर्धारित की गई सजा में नरमी की गुहार लगा सकता है।

1 फरवरी को होनी है फांसी

बता दें साल 2012 में राजधानी दिल्ली में निर्भया के साथ सामूहिक दुष्कर्म हुआ था। इस केस के चारों दोषियों मुकेश सिंह, पवन गुप्ता, अक्षय कुमार सिंह ठाकुर और विनय शर्मा को फांसी की सजा सुनाई गई है। चारों को एक साथ 1 फरवरी को सुबह 6 बजे तिहाड़ जेल में फांसी होनी है।

दोषियों के पास बचे हैं ये विकल्प 

  • पहले मुकेश सिंह की पुनर्विचार याचिका, क्यूरेटिव पिटीशन और दया याचिका तीनों खारिज हो चुकी हैं। उसके पास सिर्फ राष्ट्रपति भवन द्वारा खारिज की गई दया याचिका को हाईकोर्ट या सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देने का विकल्प था, जिसपर आज फैसला आने वाला है।
  • दूसरे दोषी विनय शर्मा ने सुप्रीम कोर्ट में क्यूरेटिव पिटीशन दाखिल की थी जो खारिज हो चुकी है। इसके बाद उसने राष्ट्रपति के नाम दया याचिका भेजी है, जिसपर फैसला आना बाकी है। यदि उसकी दया याचिका खारिज हो जाती है तो वह इसे हाई कोर्ट या सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दे सकता है।
  • तीसरे दोषी पवन गुप्ता ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर खुद को नाबालिग बताया था। लेकिन कोर्ट न उसकी याचिका खारिज कर दी है। अब उसके पास क्यूरेटिव पिटीशन, दया याचिका और दया याचिका को हाई कोर्ट या सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देने का विकल्प बाकि है।
  • चौथा और आखिरी दोषी अक्षय कुमार सिंह ठाकुर ने मंगलवार को ही क्यूरेटिव पिटीशन दायर की है, जिसपर आज फैसला आ सकता है। यदि अक्षय की क्यूरेटिव पिटीशन खारिज हो जाती है तो उसके बाद दया याचिका और दया याचिका खारिज होने पर उसे कोर्ट में चुनौती देने का रास्ता बचा है।

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