निर्भया केस: सरकार पर भड़की निर्भया की मां, कहा- मुझे तो सरकार भी मुजरिम लग रही है

asha devi

चैतन्य भारत न्यूज

नई दिल्ली. निर्भया सामूहिक दुष्कर्म और हत्या के मामले में सोमवार को एक और सुनवाई होने वाली है। सोमवार को सुप्रीम कोर्ट निर्भया के एक दोषी की उस याचिका पर सुनवाई करेगा, जिसमें उसके नाबालिग होने के दावे को उच्च न्यायालय द्वारा खारिज किए जाने के फैसले को चुनौती दी गई है। दोषी पवन गुप्ता का दावा है कि, वह घटना के वक्त नाबालिग था। इसे लेकर निर्भया की मां आशा देवी की तीखी प्रतिक्रिया सामने आई है। उन्होंने कहा कि, ‘अपराधी जानबूझ कर केस को लंबा कर रहे हैं। सब सिर्फ मुजरिमों की ही सुन रहे हैं।’


सरकार पर भी जताई नाराजगी

निर्भया की मां ने इसे लेकर सरकार पर भी आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि, ‘जब दोषी के नाबालिग होने वाले दावे को एक बार खारिज किया जा चुका है तो फिर बार-बार इसे क्यों बीच में लाया जा रहा है।’ उन्होंने आगे कहा कि, ‘कहीं ना कहीं सरकार भी इसके लिए जिम्मेदार है। मुझे तो इस मामले में सरकार भी मुजरिम लग रही है, क्योंकि वह मामले को और लंबा खींच रही है। यह ड्रामा दूसरी बार हो रहा है।’

सुप्रीम कोर्ट से की गुजारिश 

आशा देवी ने सुप्रीम कोर्ट से गुजारिश करते हुए कहा कि, ‘आज (20 जनवरी 2020) एक गाइडलाइन जारी करें और सभी मुजरिमों को मर्सी और क्यूरेटिव पिटीशन एक साथ दाखिल करने को कहे, ताकि केस और लंबा ना खिंचे।’

वकीलों पर पेनाल्टी लगाने की मांग

आशा देवी ने वकीलों पर पेनाल्टीन लगाने की मांग करते हुए कहा कि, ‘जब सभी ने एक जैसा गुनाह किया है और उन्हें एक साथ सजा मिली है तो अलग-अलग याचिकाएं क्यों दाखिल की जा रही हैं? सुप्रीम कोर्ट को उन वकीलों पर भी पेनाल्टी लगानी चाहिए जो मामले को लेट कर रहे हैं। ये शातिर लोग हैं, केस लंबा करने के लिए ही अलग-अलग याचिकाएं दाखिल कर रहे हैं।’

एक फरवरी को होगी फांसी

16 दिसंबर 2012 को हुए निर्भयाकांड ने पूरे देश को हिलाकर रख दिया था। दिल्ली की रहने वाली 23 वर्षीय निर्भया के साथ चलती बस में सामूहिक दुष्कर्म किया गया था और फिर उसकी बुरी तरह पिटाई की गई। बाद में अस्पताल में निर्भया की मौत हो गई थी। दिल्ली पुलिस ने इस मामले में 6 लोगों को गिरफ्तार किया था, जिनमें से एक नाबालिग था। नाबालिग को रिहा कर दिया गया, जबकि एक और दोषी राम सिंह ने तिहाड़ जेल में फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली थी। बचे अन्य 4 दोषियों को फांसी होनी है।

दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने चारों दोषियों की फांसी की तारीख 22 जनवरी तय की थी, लेकिन शुक्रवार को कोर्ट ने फांसी की तारीख बदलकर नया डेथ वारंट जारी किया। दरअसल, एक दोषी मुकेश सिंह ने राष्ट्रपति के पास दया याचिका दायर की थी। जिसके बाद शुक्रवार को राष्ट्रपति ने उसकी दया याचिका खारिज कर दी और फिर पटियाला कोर्ट ने फांसी देने की नई तारीख की घोषणा की। अब चारों दोषियों को 1 फरवरी सुबह 6 बजे फांसी पर लटकाया जाएगा।

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