निर्भया केस: दोषियों का फांसी से बचने का एक और हथकंडा हुआ फेल, कोर्ट ने आदेश देने से किया इनकार

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चैतन्य भारत न्यूज

नई दिल्ली. 16 दिसंबर 2012 में दिल्ली में हुए निर्भया सामूहिक दुष्कर्म और हत्या के दोषियों की फांसी का समय जैसे-जैसे करीब आ रहा है, दोषी इससे बचने के लिए नए-नए हथकंडे अपना रहे हैं। हालांकि, उन्हें हर बार हार का सामना करना पड़ता है। शुक्रवार को निर्भया के चार दोषियों में से तीन विनय, पवन और अक्षय के वकील एपी सिंह ने पटियाला हाउस कोर्ट में तिहाड़ जेल प्रशासन के खिलाफ याचिका दायर कर कहा था कि, ‘जेल प्रशासन ने उनको दस्तावजे नहीं मुहैया कराए हैं।’ शनिवार को कोर्ट ने इस याचिका पर सुनवाई की और कोई भी आदेश देने से इनकार कर दिया है।


‘दरिंदा डायरी’ में दोषी ने लिखी शायरी

जानकारी के मुताबिक, सरकारी वकील ने एक दोषी विनय शर्मा द्वारा जेल के अंदर लिखी गई ‘दरिंदा डायरी’ कोर्ट को दी। उस डायरी में विनय ने शायरी लिखी है। डायरी के कवर पेज पर ‘दरिंदा’ लिखा गया है। साथ ही वकील ने कोर्ट में विनय की स्वच्छ भारत अभियान की पेंटिंग और अन्य सभी दस्तावेज भी सौंपे। जज ने दोषी के सभी दस्तावेज उनके वकील को देने की इजाजत दे दी है।

1 फरवरी को होगी फांसी

निर्भया के चारों दोषियों अक्षय, विनय, पवन और मुकेश के खिलाफ कोर्ट ने नया डेथ वॉरंट जारी किया है। इसके तहत चारों दोषियों को 1 फरवरी सुबह 6 बजे फांसी दी जानी है। इनमें से दोषी मुकेश की क्यूरेटिव पिटीशन और राष्ट्रपति को भेजी गई दया याचिका पहले ही खारिज की जा चुकी है। अब तीन दोषी विनय, अक्षय और पवन के पास क्यूरेटिव पिटीशन और दया याचिका भेजने का विकल्प बचा है।

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