निर्भया केस: फांसी से बचने के लिए दोषियों ने चली नई चाल, अब अंतरराष्ट्रीय कोर्ट में लगाई गुहार

nirbhaya case,

चैतन्य भारत न्यूज

नई दिल्ली. निर्भया सामूहिक दुष्कर्म और हत्या मामले में चारों दोषियों में से तीन ने अपनी फांसी टालने के लिए अंतरराष्ट्रीय अदालत का दरवाजा खटखटाया है। दोषियों के वकील ए पी सिंह ने सोमवार को अंतरराष्ट्रीय अदालत को पत्र लिखा है। पत्र में 20 मार्च की होने वाली फांसी पर रोक की मांग की गई है। साथ ही मांग की है कि निचली अदालत के सभी रिकॉर्ड अदालत अपने पास मंगाए ताकि वो अपना पक्ष अंतरराष्ट्रीय अदालत में रख सके। पत्र नीदरलैंड के दूतावास को दिया गया है जो ICJ को भेजा गया है।



निर्भया के चारों दोषियां ने इससे पहले राष्‍ट्रपति को दया याचिका भेजी थी जिसे राष्‍ट्रपति ने स्‍वीकार नहीं किया था। अब इसके बाद चारों दोषियों के परिजनों ने राष्ट्रपति को लेटर लिखकर इच्छा-मृत्यु दिए जाने की मांग की है। बता दें, पटियाला हाउस कोर्ट ने चारों दोषियों अक्षय सिंह (31), पवन गुप्ता (25), विनय शर्मा और मुकेश को 20 मार्च सुबह 5.30 बजे फांसी देने का डेथ वारंट जारी किया है। दोषियों के खिलाफ यह चौथी बार डेथ वारंट जारी किया गया है। देश में फांसी रोकने की सभी कोशिशें नाकाम होने के बाद दोषी अब आईसीजे की शरण में पहुंचे हैं। ऐसे में आईसीजे क्या फैसला सुनाता है इस पर सभी की नजर रहेगी।

क्या है मामला?

साल 2012 को 16 दिसंबर की रात दिल्ली में एक घिनौना काम हुआ था जिसने पूरे भारत को हिला कर रख दिया था। चलती बस में एक पैरामेडिकल छात्र के साथ सामूहिक दुष्‍कर्म हुआ जिसमें चार दोषियों मुकेश, पवन, विनय और अक्षय को फांसी की सजा सुनाई गई।

ये भी पढ़े…

निर्भया केस: दोषियों को फांसी से बचाने के लिए परिवार का नया पैंतरा, राष्ट्रपति से मांगी इच्छामृत्यु

निर्भया केस: फांसी से बचने के लिए दोषी विनय ने चली नई चाल, दीवार से फोड़ा अपना सिर

7 साल बाद भी झकझोर कर रख देता है निर्भया कांड, जानें उस काली रात की पूरी कहानी

Related posts