आयकर रिटर्न से लेकर PF तक, पढ़ें वित्त मंत्रालय द्वारा किए गए बड़े ऐलान

चैतन्य भारत न्यूज

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और वित्त राज्य मंत्री अनुराग ठाकुर ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर 20 लाख करोड़ रुपए के आर्थिक पैकेज से जुड़ी जानकारियां दी। इस दौरान उन्होंने लघु एवं कुटीर उद्योगों (एमएसएमई) को लेकर राहत भरी घोषणाएं की। साथ ही कर्मचारियों के ईपीएफ योगदान और टीडीएस में भी बड़ी राहत का ऐलान किया। आइए जानते हैं वित्त मंत्रालय द्वारा की गई बड़ी घोषणाओं के बारे में-

  1. इनकम टैक्‍स रिटर्न फाइलिंग की डेडलाइन बढ़ा दी गई है।  इसे 30 नवंबर कर दिया गया है।
  2. विवाद से विश्‍वास स्‍कीम की डेडलाइन को 31 दिसंबर 2020 तक कर दी गई है। पहले ये 30 जून तक के लिए था।
  3. टैक्‍सपेयर्स को 31 मार्च 2021 तक टीडीएस कटौती में 25 फीसदी की राहत मिली है। बता दें कि सरकार टीडीएस (TDS) के जरिये टैक्स जुटाती है। टीडीएस विभिन्न तरह के आय के स्रोत पर काटा जाता है. इसमें सैलरी, किसी निवेश पर मिले ब्याज या कमीशन आदि शामिल हैं। अब तक टैक्स में 100 रुपए टीडीएस देते थे, जो अब 75 रुपए देने होंगे। जनता को 50 हजार करोड़ रुपए का फायदा।
  4. एमएसएमई के लिए 6 कदम उठाए जा रहे हैं, एमएसएमई को तीन लाख करोड़ रुपए का लोन दिया जाएगा। 31 अक्टूबर से लोन मिलेगा।
  5. 100 करोड़ वाली एमएसएमई यूनिट को लोन में राहत मिलेगी।
  6. बिना गारंटी के 3 लाख करोड़ रुपए तक का लोन।
  7. 45 लाख एमएसएमई को इससे फायदा होगा।
  8. एक साल तक मूल धन नहीं चुकाना होगा।
  9. एनपीए वाले एमएसएमई को भी मिलेगा लोन।
  10. विस्तार करने वाले एमएसएमई को 50 हजार करोड़, तनाव वाले एमएसएमई को 20 हजार करोड़।
  11. फायदे के लिए एमएसएमई की परिभााषा में बदलाव। 50 करोड़ के टर्नओवर वाली यूनिट को एमएसएमई मानेंगे। 10 करोड़ के निवेश को लघु उद्योग मानेंगे। 1 करोड़ निवेश, 5 करोड़ टर्नओवर वाली यूनिट को सूक्ष्म उद्योग मानेंगे।
  12. विदेशियों की जगह देसी कंपनियों को काम। 200 करोड़ रुपए तक के सरकारी टेंडर में ग्लोबल टेंडर नहीं।
  13. 15 हजार रुपए से कम वेतन वालों का ईपीएफ अगस्त तक सरकार देगी।
  14. कर्मचारियों के लिए अगले तीन महीने यानी अगस्त तक 12 की जगह 10 फीसदी ईपीएफ योगदान। लेकिन सरकारी कर्मचारियों के लिए 12 फीसदी ही रहेगा।
  15. 72 लाख कर्मचारियों को ईपीएफ में राहत।
  16. एनबीएफसी के लिए 30 हजार करोड़ रुपए की स्कीम।
  17. बिजली वितरण कंपनियों के लिए 90 हजार करोड़ रुपए की मदद।
  18. सरकारी ठेकेदारों को 6 महीने का विस्तार दिया जाएगा।

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