हाईवे के रास्ते में आ रहा था 400 साल पुराना पेड़, नितिन गडकरी ने बदल दिया हाइवे का नक्शा

चैतन्य भारत न्यूज

कोरोना वायरस महामारी ने दुनियाभर के देशों को प्रकृति का महत्व समझा दिया है। इसी कड़ी में भारत ने विश्व में प्रकृति के सम्मान का एक नायाब उदाहरण पेश किया है। केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने महाराष्ट्र के एक 400 साल पुराने पेड़ को बचाने के लिए निर्माणाधीन हाइवे का नक्शा बदल दिया।

दरअसल, महाराष्ट्र के सांगली जिले के भोसे गांव में बहुत बड़ा 400 साल पुराने बरगद पेड़ है जिसके पास से निर्माणाधीन हाइवे का सर्विस रोड गुजरता है, इसलिए इस पेड़ को काटकर रोड बनाने की तैयारी हो रही थी। लेकिन इस बीच पर्यावरणवादी कार्यकर्ताओं ने इसका पुरजोर विरोध। विरोध बढ़ता देख राज्य के पर्यटन और पर्यावरण मंत्री आदित्य ठाकरे को इस पेड़ के बारे में अवगत कराया गया। जिसके बाद आदित्य ठाकरे ने केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी को एक पत्र लिखा। इसमें राज्य के लिए 166 सड़क पर रत्नागिरी-सोलापुर राजमार्ग पर बदलाव करके पेड़ को बचाने का अनुरोध किया गया। पत्र में कहा गया कि येल्लम्मा मंदिर के पास स्थित 400 साल पुराना पेड़, लगभग 400 वर्ग मीटर का फैला हुआ है। यह इस क्षेत्र के इतिहास का एक हिस्सा होने के साथ ही कई पक्षियों और जानवरों की प्रजातियों का घर है।


मामले पर तुरंत एक्शन लेते हुए महाराष्ट्र के पर्यावरण मंत्री आदित्य ठाकरे ने केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी से बात की। आदित्य ने नितिन गडकरी से इस पेड़ को बचाने की मांग की जिसके बाद केंद्रीय मंत्री ने पेड़ को कटने से बचाने के लिए हाइवे के नक्शे में ही बदलाव कर इस प्रोजेक्ट को पूरा करने का आदेश जारी किया।

आदित्य ठाकरे ट्वीट किया कि नितिन गडकरी ने उनके अनुरोध पर सकारात्मक प्रतिक्रिया दी है और भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने रत्नागिरी-नागपुर राजमार्ग के पुनर्निर्माण पर काम शुरू कर दिया है। शुक्रवार को एनएचएआई के वरिष्ठ अधिकारियों ने कहा कि पेड़ का मुख्य तना, जो सर्विस रोड के रास्ते में आ रहा था, उसे बरकरार रखा जाएगा, हालांकि इसकी कुछ शाखाओं को काटा जाएगा।

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