हर बार से अलग होगी इस बार की गणतंत्र दिवस परेड, हुए ये बड़े बदलाव

चैतन्य भारत न्यूज

नई दिल्ली. इस बार गणतंत्र दिवस की परेड में कई बदलाव देखने को मिलने वाले हैं। दरअसल कोरोना वायरस महामारी को देखते हुए इस बार केंद्र सरकार ने परेड की लम्बाई को कम करने की योजना बनाई है। पहले गणतंत्र दिवस की परेड विजय चौक से शुरू होकर लाल किले तक जाती थी। लेकिन इस बार यह परेड लाल किले तक नहीं जाएगी। सूत्रों के मुताबिक, परेड विजय चौक से ही शुरू होगी और नेशनल स्टेडियम पर परेड का समापन होगा।

इस बार परेड महज 3.3 किमी की होगी। जो हर साल 8.2 किमी की होती थी। केंद्र सरकार के नए दिशा-निर्देश के मुताबिक, परेड में हिस्सा लेने वाले सभी लोगों के लिए मास्क पहनना अनिवार्य होगा। इसके अतिरिक्त इस बार परेड करने वाले दस्तों की संख्या भी पहले से कम होगी और परेड देखने का मौका भी कम लोगों को मिलेगा। हर साल 1 लाख 15 हजार लोगों को परेड देखने का मौका मिलता था लेकिन इस बार 25 हजार लोग ही मौजूद रहेंगे।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, गणतंत्र दिवस परेड के मौके पर हर साल 32 हजार टिकट बेचे जाते थे लेकिन इस बार 7500 लोग ही टिकट लेकर शामिल हो सकेंगे। वहीं, इस बार छोटे बच्चे परेड में शामिल नहीं होंगे। जबकि 15 साल से अधिक उम्र वाले स्कूली बच्चों को शामिल होने की अनुमति दे दी गई है।

सोशल डिस्टेंसिंग का रखा जाएगा खास ख्याल

कोरोना संक्रमण के मद्देनजर सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों का पालन कराने के लिए सरकार ने हर तरफ लोगों की संख्या में कटौती करने का प्रयास किया है। बता दें कि पहले की तुलना में परेड में कम दस्ते शामिल होंगे एवं उनकी चौड़ाई भी कम होगी ताकि सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों का पालन हो सकें। वैसे तो हर दस्ते में 144 लोग शामिल होते थे लेकिन इस बार इनकी संख्या कम होकर 96 रह जाएगी।

कोविड बूथ बनाए जाएंगे

साल 2020 ने कई सारे नए शब्दों को हमारे सामने लाकर रख दिया और अब इस शब्दों का चलन आम हो गया है। जैसे- मास्क, शारीरिक दूरी, पृथकवास इत्यादि। गणतंत्र दिवस परेड के मौके पर भी कई सारे शब्द सुनाई दे रहे हैं। बताया जा रहा है कि परेड में शामिल होने वाले सभी लोगों के लिए कोविड बबल बनाया जा रहा है। इसके अतिरिक्त कोविड बूथ का भी निर्माण किया जाएगा। मौके पर डॉक्टरों का स्टॉफ भी मौजूद रहेगा। साफ-साफ शब्दों में कहें तो कोरोना के तमाम दिशा-निर्देशों का पूरी तरह से पालन किया जाएगा।

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