अब काेख में बेटियाें को बचाने के लिए 2.5 लाख रुपए के बजाय 3 लाख रुपए मिलेंगे

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चैतन्य भारत न्यूज

कोख में पल रही बेटियों को बचाने के लिए बने पीसीपीएनडीटी अधिनियम के तहत मुखबिर योजना को अधिक प्रभावी बनाने के लिए प्रोत्साहन राशि को ढाई लाख से बढ़ाकर अब तीन लाख रुपए कर दी गई है। प्रमुख शासन सचिव अखिल अरोड़ा ने योजना के संबंध में निर्देश जारी किए हैं।

पहले मुखबिर योजना के तहत भ्रूण लिंग परीक्षण संबंधी प्राप्त सूचना पर तीन किस्त में ढाई लाख रुपए तक की राशि प्रोत्साहन स्वरूप दी जाती थी, लेकिन अब इसे और व्यावहारिक बनाते हुए सफल डिकॉय ऑपरेशन पर मुखबिर, डिकॉय गर्भवती महिला एवं सहयोगी को दो किस्तों में कुल तीन लाख रुपए की प्रोत्साहन राशि का भुगतान किया जाएगा।

योजना में निर्धारित ढाई लाख की राशि की पहली किस्त सफल डिकॉय होने पर, दूसरी न्यायालय में परिवाद दर्ज होने एवं तीसरी किस्त फैसला आने पर दी जाती थी। अब मुखबिर, डिकॉय गर्भवती महिला एवं सहयोगी को पहली किस्त सफल डिकॉय होने एवं दूसरी किस्त न्यायालय में अभियोजन पक्ष के समर्थन में बयान के बाद दी जाएगी।

बेटियां बचाने में सहयोग करने की अपील

सीएमएचओ डॉ. मुश्ताक खान ने बताया कि आमजन से भ्रूण लिंग परीक्षण की रोकथाम में सहयोग करने एवं इसकी शिकायत टोल फ्री नम्बर 104, 108 एवं राज्यस्तरीय सोशल मीडिया नंबर 9799997795 पर देने की अपील की है। डिकॉय ऑपरेशन में गर्भवती महिला की अहम भूमिका रहती है। राज्य सरकार का यह निर्णय बेहद प्रभावी साबित होगा, क्योंकि गर्भस्थ शिशु की जोखिम एवं गर्भवती महिला को परेशानी को ध्यान में रखते हुए गर्भवती महिला की राशि में बढ़ोतरी की गई है। पहले गर्भवती महिला को तीन किस्तों में कुल एक लाख रुपए की राशि दी जाती थी। अब उसे दो किस्तों में कुल डेढ़ लाख रुपए की राशि प्रोत्साहन के रुप में दी जाएगी।

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