मोदी कैबिनेट ने दी NPR को हरी झंडी, 1 अप्रैल से शुरू होगी नागरिकों की गिनती

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चैतन्य भारत न्यूज

नई दिल्ली. नागरिकता संशोधन कानून (CAA) और राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (NRC) के विरोध में देशभर में बवाल हो ही रहा है कि इसी बीच मोदी सरकार ने एक बड़ा फैसला लिया है। मोदी कैबिनेट ने राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर (NPR) पर भी मुहर लगा दी है। कैबिनेट ने यह मंजूरी राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर यानी NPR को अपडेट करने के लिए दी गई है। मंगलवार को करीब दो घंटे की बैठक के बाद मोदी कैबिनेट ने NPR को हरी झंडी दी। मोदी कैबिनेट ने NPR को अपडेट करने के लिए 8500 करोड़ रुपए के बजट को भी मंजूरी दे दी है। सूत्रों के मुताबिक, 1 अप्रैल 2020 से इसपर काम शुरू कर दिया जाएगा।


क्या है NPR?

बता दें NPR में देश के ‘सामान्य नागरिकों’ की गणना की जाती है। ‘सामान्य नागरिकों’ का अर्थ उस व्यक्ति से है, जो किसी स्थानीय क्षेत्र में पिछले छह महीने या उससे अधिक समय से रह रहा हो या अगले छह महीने या उससे अधिक समय तक उस क्षेत्र में रहने की उसकी योजना हो। ऐसे हर नागरिक को रजिस्टर में अपना नाम दर्ज कराना अनिवार्य होगा। यदि कोई बाहरी व्यक्ति भी देश के किसी हिस्से में छह महीने से रह रहा है तो उसे भी एनपीआर में दर्ज होना है। राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर (NPR) के जरिए सरकार देश के हर नागरिक की जानकारी रख सकेगी। इस प्रक्रिया के तहत भारतीय नागरिकों के बायोमेट्रिक और वंशावली का दर्ज किया जाएगा। सरकार एनपीआर रिपोर्ट राष्ट्रीय स्तर, राज्य स्तर, जिला, उप-जिला व स्थानीय स्तर पर तैयार करेगी। केंद्र और राज्य सरकार के कर्मचारी 1 अप्रैल 2020 से 30 सितंबर 2020 तक असम के अलावा देशभर में घर- घर जाकर जरूरी आंकड़े जुटाएंगे।

कैसे होगा सर्वे

एनपीआर सर्वे तीन प्रक्रिया होगा। पहला चरण १ अप्रैल 2020 लेकर से 30 सितंबर के बीच होगा। दूसरा चरण 9 फरवरी से 28 फरवरी 2021 के बीच पूरा होगा। तीसरे व अंतिम चरण में संशोधन की प्रक्रिया 1 मार्च से 5 मार्च के बीच होगी।

ये जानकारियां देनी होंगी

  • व्यक्ति का नाम
  • घर के मुखिया से रिश्ता
  • पिता का नाम
  • मां का नाम
  • पति / पत्नी का नाम
  • लिंग
  • जन्मतिथि
  • शादी हुई या नहीं
  • जन्मस्थान
  • राष्ट्रीयता (जो घोषित किया हो)
  • वर्तमान पता जहां रह रहे हों
  • वर्तमान पते पर निवास का समय
  • स्थायी आवासीय पता
  • पेशा
  • शैक्षणिक योग्यता

NRC और NPR में अंतर

NRC का मकसद जहां देश में अवैध नागरिकों की पहचान करना है, तो वहीं NPR में 6 महीने या उससे अधिक समय से स्थानीय क्षेत्र में रहने वाले किसी भी निवासी को अनिवार्य रूप से रजिस्ट्रेशन कराना होगा। यदि कोई विदेशी भी भारत के किसी हिस्से में छह महीने से रह रहा है, तो उसे भी NPR में अपनी डिटेल दर्ज करानी होगी।

एनपीआर का उद्देश्य

  • एनपीआर का मूल उद्देश्य भारत के हर निवासी की पहचान के लिए एक विस्तृत आंकड़ा तैयार करना है।
  • इसमें हर व्यक्ति की जनसांख्यिकी (Demographic) जानकारी के साथ-साथ उनका बायोमेट्रिक भी दर्ज रहेगा।
  • सरकारी योजनाओं के अंतर्गत दिया जाने वाला लाभ सही व्यक्ति तक पहुंचे और व्यक्ति की पहचान की जा सके।
  • एनपीआर द्वारा देश की सुरक्षा में सुधार किया जा सके और आतंकवादी गतिविधियों को रोकने में सहायता प्राप्त हो सके।

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