180 रुपए तक पहुंचे भाव! और दो महीने रुला सकता है प्याज

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चैतन्य भारत न्यूज

नई दिल्ली. प्याज की बढ़ती कीमतों ने जनता के आंसू निकाल दिए हैं। महंगे हो रहे प्याज को लेकर संसद से मंडियों तक घमासान मचा हुआ है। अब न सिर्फ होटल और रेस्टोरेंट की थाली, बल्कि घर की रसोई से भी प्याज गायब होता जा रहा है। लोग प्याज खरीदना तो चाहते हैं, लेकिन उसके भाव सुनकर ही अपना मुंह मोड़ लेते हैं।


180 रुपए किलो भी बिकी प्याज

25 नवंबर से लेकर बीते 5 दिसंबर तक प्याज की कीमतें लगभग दोगुना महंगा हुआ है। राजधानी दिल्ली में ही जहां 25 नवंबर को 76 रुपए किलो था वो 5 दिसंबर को 94 रुपए किलो पर पहुंच गया। इतना ही नहीं बल्कि पणजी में प्याज की कीमत 165 रुपए किलो पर पहुंच गई, जो अब तक प्याज की कीमत का सबसे उच्च स्तर है। सूत्रों के मुताबिक, देश के कुछ हिस्सों से यह भी खबर आ रही है कि कहीं-कहीं प्याज 180 रुपए किलो भी बिकी है।

बारिश से खराब हुई प्याज की फसलें

दरअसल, महाराष्ट्र की मंडियों में लाल प्याज (खरीफ) की आवक सीमित बनी हुई है, जिसके कारण भाव ऊंचे हो रहे हैं। रबी फसल के प्याज की आवक फरवरी से शुरू होगी, जिसके बाद ही प्याज के दामों में गिरावट हो सकती है। बता दें देश में सबसे ज्यादा प्याज की उपज महाराष्ट्र में होती है। लेकिन मानसून के दौरान भारी बारिश और बाढ़ के कारण यहां प्याज के खेतों को काफी नुकसान हुआ था। नवंबर में हुई बेमौसम बारिश ने प्याज की फसलों को सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचाया है।

प्याज की बढ़ती कीमतों को लेकर गृह मंत्री ने की बैठक

प्याज की आसमान छूती कीमतों के बीच सरकार हरकत में आई है। शुक्रवार को गृह मंत्री अमित शाह ने इसे लेकर केंद्रीय मंत्रियों और शीर्ष अधिकारियों के साथ अहम बैठक की है। इस बैठक में प्याज की कीमतों पर काबू पाने के उपायों पर चर्चा की गई। एक अधिकारी ने इसकी जानकारी देते हुए बताया कि, इस बैठक में रेल मंत्री पीयूष गोयल, कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर, कैबिनेट सचिव राजीव गौबा, प्रधानमंत्री के सलाहकार पी।के।सिन्हा भी मौजूद थे। हालांकि, स्वास्थ्य ठीक नहीं होने के कारण इस बैठक में उपभोक्ता मामलों के मंत्री राम विलास पासवान शामिल नहीं हो सके।

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