ऑनलाइन बेचा जा रहा श्रीकृष्ण का गोवर्धन पर्वत! कंपनी ने गिरिराज की शिला बिक्री का विज्ञापन डाला, भक्तों में आक्रोश

चैतन्य भारत न्यूज

मथुरा में करोड़ों हिंदुओं की आस्था के केंद्र गिरिराज पर्वत (गोवर्द्धन पर्वत) की शिलाओं को ऑनलाइन बेचने का मामला सामने आया। यह बिक्री एक कंपनी लक्ष्मी डिवाइन आर्टिकल स्टोर्स (Laxmi Divine Article Stores) कर रही है। इस संस्था ने ऑनलाइन शॉपिंग कंपनी इंडिया मार्ट (चेन्नई) पर बकायदा विज्ञापन भी डाला है। शिला की कीमत पांच हजार रुपए रखी है। जानकारी पर बवाल मचने के बाद पांच लोगों के खिलाफ केस दर्ज करने के बाद पुलिस ने तीन लोगों को गिरफ्तार भी किया है।

विज्ञापन में कंपनी ने नेचुरल गिरी गोवर्धन शिला गोवर्धन स्टोन गिरिराज कृष्ण शिला लिखा है। वहीं, गिरिराज शिला का एक फोटो भी लगाया है और उसकी कीमत 5,175 रुपए रखी है। जब इस विज्ञापन को सोशल मीडिया पर साधु-संतों और ब्रजवासियों ने देखा तो वे आक्रोशित हो गए। श्रद्धालुओं व संतों ने गोवर्धन थाना का घेराव कर हंगामा किया। आस्था से खिलवाड़ बताते हुए कंपनी मालिक और कंपनी के खिलाफ तहरीर देकर गिरफ्तारी की मांग की गई है।

ठोस कदम उठाने की मांग

परिक्रमा में रह रहे दीनबंधु दास महाराज ने बताया कि गिरिराज जी महाराज हम सभी साधु संतों और ब्रजवासियों के इष्ट हैं। धार्मिक ग्रन्थों में लिखा हुआ है कि गिरिराज जी की शिला को गिरिराज तलहटी से बाहर ले जाना निषिद्ध है। लोगों ने कहा कि सोशल साइट पर धार्मिक भावनाओं को आहत करते हुए गोवर्धन पर्वत को बेचे जाने की कोशिश की जा रही है। गोवर्धन शिला की कीमत लगाकर उसे खुलेआम बेचा जा रहा है। ऐसे लोग हिंदुओं की धार्मिक भावनाओं को आहत कर रहे हैं। संतों का कहना है आए दिन देश में हिन्दू भावनाओं के साथ खेलवाड़ किया जा रहा है। कभी हिन्दू देवी-देवताओंं को लेकर कोई अभद्र टिप्पणी कर देता है तो कभी कोई भगवान राम को लेकर कुछ बोल देता है। ऐसे में ऐसे लोगों के खिलाफ सरकार को इस ओर कोई ठोस कदम उठाना चाहिए।

भगवान श्रीकृष्ण ने एक अंगुली पर उठाया था गिरिराज

गोवर्धन गिरिराज पर्वत से लाखों-करोड़ों हिंदुओं की आस्था जुड़ी हुई है। यह वही गोवर्धन पर्वत है, जिसे श्रीकृष्ण ने अपनी अंगुली पर उठाकर इंद्र के प्रकोप से ब्रज वासियों की रक्षा की थी। और यह वही गोवर्धन पर्वत है, जहां दीपावली के मौके पर गोवर्धन पूजा का विशेष महत्व माना जाता है। श्रद्धालु हर महीने गोवर्धन गिरिराज महाराज की परिक्रमा कर पुण्य कमाते हैं।

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