जानिए भारत में कब आएगी ऑक्सफोर्ड की कोरोना वैक्सीन, कितनी होगी इसकी कीमत और लोगों को कैसे होगी उपलब्ध?

corona vaccine

चैतन्य भारत न्यूज

दुनियाभर में कोरोना वायरस के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। कई देश कोरोना से लड़ने के लिए वैक्सीन तैयार कर रहे हैं। भारत, ब्रिटेन, अमेरिका, चीन और रूस समेत अन्य देशों को भी इसमें सफलता मिलती दिख रही है। हालांकि, ब्रिटेन की ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी द्वारा बनाई जा रही कोरोना की वैक्सीन इस रेस में सबसे आगे चल रही है। सोमवार को यह खबर सामने आई थी कि इस वैक्सीन के पहले और दूसरे चरण के ह्यूमन ट्रायल सफल हो गए हैं। कोरोना वैक्सीन को लेकर लोगों के माँ में कई तरह के सवाल आ रहे हैं जैसे यह भारत में कबतक आएगी? लोगों को कैसे उपलब्ध कराई जाएगी? इसकी कीमत कितनी होगी आदि। तो चलिए हम आपको इन सभी सवालों के जवाब दे देते हैं।

भारत की कंपनी ने शुरू की उत्पादन की तैयारी

ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी की वैक्सीन के सभी ट्रायल कामयाब होने के बाद इसका उत्पादन होना शुरू हो जाएगा। भारत की कंपनी सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया ने भी कोरोना वैक्सीन के उत्पादन की तैयारी शुरू कर दी है। कंपनी के सीईओ अदार पूनावाला के मुताबिक, भारत में भी इस वैक्सीन के ट्रायल के लिए कंपनी भारतीय औषधि महानियंत्रक को आवेदन करेगी। उन्होंने बताया कि, इस वैक्सीन के उत्पादन के लिए एक झटके में 200 मिलियन डॉलर कर दिया गया है। हालांकि ये कारोबारी फैसला जोखिम भरा हो सकता है, लेकिन इसकी जरूरत को देखते हुए यह फैसला किया गया है। ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी की यह वैक्सीन भारत में नवंबर तक आने की उम्मीद है।

कितना समय लगेगा

अदार पूनावाला ने बताया कि, भारत में सभी लोगों को कोरोना का टीका लगाने में करीब दो साल तक भी लग सकते हैं। सीईओ अदार पूनावाला के मुताबिक, भारत में कंपनी अगस्त में तीसरे चरण के ट्रायल के लिए आश्वस्त है। उन्होंने कहा, ‘हम आशा करते हैं कि इसे पूरा होने में दो से ढाई महीने लगेंगे और यह नवंबर तक पूरा हो जाएगा।’

क्या होगी कीमत

बता दें सीरम इंस्टीट्यूट में निर्मित कोविशिल्ड का आधा स्टॉक भारत के लिए होगा। कंपनी के सीईओ ने यह स्पष्ट कहा है कि, हर महीने लगभग 60 मिलियन शीशियों का निर्माण होगा जिसमें से भारत को 30 मिलियन मिलेंगे। उनके मुताबिक, यह वैक्सीन किफायती होगी और उम्मीद की जा रही है कि देश में सरकार ही वैक्सीन खरीद कर लोगों को टीकाकरण अभियान के जरिए नि:शुल्क उपलब्ध कराएगी।

वैक्सीन से बन रही एंटीबॉडी और टी सेल्स

गौरतलब है कि मेडिकल जर्नल लांसेट मेडिकल जर्नल में इसी सप्ताह वैक्सीन के ट्रायल के परिणाम प्रकाशित हुए हैं। परिणाम में कहा गया है कि वैक्सीन के ट्रायल के दौरान अच्छी प्रतिक्रिया मिली और यह किसी भी गंभीर साइड इफेक्ट का संकेत नहीं दे रहा है। वैक्सीन से एंटीबॉडी और टी सेल्स बन रही है, जो कोरोना से लड़ने में कारगर है।

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