चिदंबरम ने जिस लॉकअप का किया था उद्घाटन उसी में गुजारी रात, आज होगी कोर्ट में पेशी

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चैतन्य भारत न्यूज

पूर्व वित्त मंत्री पी. चिदंबरम बुधवार रात आखिरकार केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) की गिरफ्त में आ ही गए। INX मीडिया मामले में सीबीआई और ईडी पिछले दो दिन से उनकी तलाश कर रही थी। करीब 30 घंटे की तलाशी के बाद बुधवार की रात वह गिरफ्त में आए। जानकारी के मुताबिक, सीबीआई मुख्यालय पर रातभर चिदंबरम से पूछताछ की गई। गुरुवार को उन्हें कोर्ट में पेश किया जाएगा।



सूत्रों के मुताबिक, गुरुवार को कांग्रेस पार्टी प्रेस कॉन्फ्रेंस करने वाली है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सलमान खुर्शीद ने चिदंबरम को लेकर कहा है कि उनपर किसी भी तरह का मामला नहीं बनता है, ये जो भी हो रहा है वो राजनीति से प्रेरित है। बता दें चिदंबरम की ओर से आज फिर कोर्ट में जमानत याचिका दायर की जाएगी। दोपहर में 2 बजे उन्हें कोर्ट में पेश किया जाएगा। पूर्व गृह मंत्री को सीबीआई साउथ रेवन्यू कोर्ट में पेश करेगी। गिरफ्तारी के बाद सीबीआई कोर्ट से उनकी न्यायिक हिरासत मांग सकती है।

जिस लॉकअप का उद्घाटन किया उसी में गुजारी रात

बता दें 30 जून 2011 में यूपीए सरकार के दूसरे कार्यकाल के दौरान तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और तत्कालीन गृह मंत्री पी. चिदंबरम ने सीबीआई के जिस नए दफ्तर का उद्घाटन किया गया, अब ठीक 8 साल बाद उसी दफ्तर में चिदंबरम को बतौर आरोपी लाया गया। चिदंबरम ने इसी दफ्तर के लॉकअप में रात गुजारी और अफसरों के सवालों का जवाब दिया।

चिदंबरम ने क्या कहा था

बुधवार को हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान चिदंबरम ने खुद को बेगुनाह बताया और कहा कि उन्हें फंसाया जा रहा है। चिदंबरम का कहना है कि उनके ऊपर आईएनएक्स मीडिया केस का कोई आरोप नही है। चिदंबरम ने यह भी कहा कि, पिछले 24 घंटे से उनके बारे कई तरह के भ्रम फैलाए गए। इस मामले में उनके और परिवार के खिलाफ कोई चार्जशीट नहीं है। उन्होंने आगे यह भी कहा कि, लोकतंत्र की बुनियादी आजादी है। उनका कहना है कि यदि उन्हें जिंदगी और आजादी के बीच किसी एक को चुनने को कहा जाए तो वह आजादी को चुनेंगे। सीबीआई दफ्तर में चिदंबरम को ले जाकर उनसे कई तरह के सवाल पूछे गए। वहां उनका मेडिकल चेकअप भी हुआ। फिर उन्हें आराम करने दिया गया। चिदंबरम को सीबीआई दफ्तर में ही बने एक लॉकअप रूम में रखा गया था।

क्या है मामला

जांच एजेंसियों के मुताबिक, साल 2007 में जब चिदंबरम वित्त मंत्री थे उस समय उन्होंने पीटर मुखर्जी और इंद्राणी मुखर्जी की कंपनी आईएनएक्स मीडिया (INX Media) को मजूरी दिलाई थी। फिर इस कंपनी में कथित रूप से 305 करोड़ का विदेशी निवेश आया था। उन्हें पांच करोड़ के निवेश तक की मंजूरी मिली थी, लेकिन आईएनएक्स मीडिया में 300 करोड़ से ज्यादा का निवेश हुआ था। फिर खुद को बचाने के लिए आईएनएक्स मीडिया ने चिदंबरम के बेटे कार्ति चिदंबरम के साथ साजिश रची। यह दावा किया गया था कि कार्ति चिदंबरम ने रिश्वत ली थी।

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