इमरान खान का बड़ा फैसला : करतारपुर जाने वाले श्रद्धालुओं को पासपोर्ट की जरुरत नहीं

चैतन्य भारत न्यूज

इस्लामाबाद. पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने करतारपुर साहिब आने वाले भारतीय श्रद्धालुओं को बड़ी छूट दी है। इमरान खान ने कहा कि, करतारपुर दर्शन के लिए आनेवाले भारतीय सिख श्रद्धालुओं को मैंने छूट दी है। उन्हें पासपोर्ट की जरूरत नहीं होगी। बस उनके पास एक वैध आईडी कार्ड होना चाहिए।


सिद्धू ने स्वीकार किया निमंत्रण

इमरान खान ने 10 दिन पहले रजिस्ट्रेशन करने की शर्त भी हटा दी है। ऐसे में भारतीय श्रद्धालुओं को 10 दिन पहले रजिस्ट्रेशन नहीं कराना होगा। उद्घाटन के दिन और गुरु नानक देवजी के 550 जन्मदिवस पर उनसे कोई शुल्क भी नहीं वसूला जाएगा। बता दें 9 नवंबर को इमरान खान करतारपुर कॉरिडोर का उद्घाटन करेंगे। कांग्रेस नेता नवजोत सिंह सिद्धू ने भी करतारपुर कॉरिडोर के उद्घाटन समारोह में शामिल होने के लिए इमरान खान का न्योता स्वीकार कर लिया है। इसकी जानकारी इमरान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) ने दी और कहा कि, ‘सिद्धू ने करतारपुर कॉरिडोर उद्घाटन समारोह में आने का न्योता देने के लिए इमरान खान को धन्यवाद कहा है।’ हालांकि, सिद्धू द्वारा न्योता स्वीकारने के बाद विदेश मंत्रालय ने कहा कि, इसके लिए उन्हें ‘राजनीतिक मंजूरी’ लेनी होगी। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि, ‘पाकिस्तान जिन भारतीयों को करतारपुर कॉरिडोर उद्घाटन समारोह में बुलाना चाहता है, उन्हें राजनीतिक मंजूरी लेनी होगी।’

पीएम मोदी भी करेंगे कॉरिडोर का उद्घाटन 

बता दें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी 9 नवंबर को करतारपुर कॉरिडोर का उद्घाटन करेंगे। फिर वह पंजाब के गुरदासपुर में डेरा बाबा नानक में एक सार्वजनिक सभा को संबोधित करेंगे। श्रद्धालुओं के पहले जत्थे का पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह भी हिस्सा होंगे।

इसलिए पवित्र स्थल बना गुरुद्वारा दरबार साहिब

बता दें करतारपुर कॉरिडोर पंजाब के गुरदासपुर में स्थित डेरा बाबा नानक गुरुद्वारे को करतारपुर में स्थित गुरुद्वारे दरबार साहिब से जोड़ता है। यह अंतरराष्ट्रीय सीमा से चार किलोमीटर की दूरी पर पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के नरोवाल जिले में स्थित है। जानकारी के मुताबिक, सिख धर्म के संस्थापक गुरु नानक देव ने पाकिस्तान के करतारपुर में रावी नदी के किनारे स्थित दरबार साहिब गुरुद्वारे में 18 वर्ष बिताए थे। इसलिए यह स्थान श्रद्धालुओं के लिए एक पवित्र स्थल बन गया है। दोनों देशों के बीच हुए इस समझौते के तहत करीब 5,000 भारतीय तीर्थ यात्रियों को रोजाना दरबार साहिब गुरुद्वारे के दर्शन करने की अनुमति है। उन्हें इसके लिए करीब 1400 रुपए देने होंगे। हालांकि, भारत सरकार ने पाकिस्तान से दर्शन करने के लिए कोई शुल्क ना वसूलने का आग्रह भी किया है।

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