पालघर मॉब लिंचिंग: एक अफवाह ने ले ली दो साधुओं समेत तीन बेगुनाहों की जान, अखाड़ा परिषद ने दी आंदोलन की चेतावनी

mob lynching

चैतन्य भारत न्यूज

पालघर. एक तरफ जहां देश कोराना वायरस संकट से जूझ रहा है तो वहीं दूसरी तरफ फैल रही अफवाह नए संकट पैदा कर रही है। महाराष्ट्र के पालघर में अफवाह के चलते तीन लोगों की हत्या कर दी गई। भीड़ ने दो साधुओं और उनके ड्राइवर की पीट-पीटकर हत्या कर दी। इस मामले में पुलिस ने 110 लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। इनमें से 101 लोगों को 30 अप्रैल तक पुलिस कस्टडी में भेजा गया है और 9 नाबालिगों को बाल सुधार गृह भेज दिया गया है।

यह है मामला

जानकारी के मुताबिक, गुरुवार की शाम दो साधु कांदिवली से ड्राइवर के साथ सूरत के लिए निकले थे। भीड़ के हत्थे चढ़े साधु मुंबई के जोगेश्वरी पूर्व स्थित हनुमान मंदिर के थे। ये साधु मुंबई से सूरत अपने गुरू के अंतिम संस्कार में जा रहे थे। उसी समय पालघर के ​गड़चिनचले गांव में अपहरण और चोरी की अफवाह फैली थी। अफवाह उड़ा दी कि कुछ चोर भाग रहे हैं और वो लोगों की किडनी निकालकर बेचते हैं। इसी अफवाह की चपेट में गांव से गुजरने वाले ये तीनों लोग आए। इसके बाद भीड़ साधुओं के ऊपर टूट पड़ी। वहां मौजूद लोगों ने साधुओं और उनके ड्राइवर पर हमला कर दिया। हमले के बाद साधुओं को अस्पताल में भर्ती कराया गया जहां उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। बताया जा रहा है कि पूरी घटना के समय वहां पुलिसकर्मी भी मौजूद थे लेकिन उन्होंने कुछ नहीं किया। भीड़ द्वारा किए गए हमले में एक पुलिसकर्मी भी घायल हुआ है।

आईजी स्तर पर हो रही जांच

इस मॉब लिंचिंग का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है। साधुओं की हत्या को लेकर सोशल मीडिया पर भी लोगों का गुस्सा देखने को मिल रहा है। महाराष्ट्र सरकार ने लोगों से सांप्रदायिक सौहार्द बनाए रखने की अपील की है। उन्होंने कहा है कि, ‘ये हत्याएं धर्म विशेष को लेकर नहीं हुई हैं।’ पुलिस ने हत्या, दंगा करने और सरकारी कर्मचारी पर हमला करने के केस दर्ज किए हैं। पूरे मामले की जांच आईजी स्तर के अधिकारी कर रहे हैं।

राज्य ग्रहमंत्री का बयान

महाराष्ट्र के गृह मंत्री अनिल देशमुख ने कहा कि, ‘हमला करने वाले और जिनकी इस हमले में जान गई- दोनों अलग धर्मीय नहीं हैं। बेवजह समाज में धार्मिक विवाद निर्माण करने वालों पर पुलिस और महाराष्ट्र साइबर सेल को कठोर कार्रवाई करने के आदेश दिए गए हैं। इस घटना को विवादास्पद बनाकर समाज में दरार बनाने वालों पर भी पुलिस नजर रखेगी।’

केंद्रीय गृह मंत्रालय ने मांगी रिपोर्ट

सोमवार को गृह मंत्रालय ने महाराष्ट्र सरकार से मॉब लिंचिंग के मामले की रिपोर्ट मांगी है। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे से सोमवार को ही गृह मंत्री अमित शाह ने फोन पर बात की। इस बातचीत के बाद ऊद्धव ने कहा कि, ‘उन्होंने अमित शाह और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को इस बारे में जानकारी दी है। राज्य सरकार ने इस मामले में कार्रवाई की है। 110 लोगों को रविवार को गिरफ्तार किया गया था, इसमें कुछ नाबालिग भी थे।’ उद्धव ने आगे कहा कि, ‘हमने दो पुलिसवालों को सस्पेंड कर दिया है।’

मुख्यमंत्री का बयान

मुख्‍यमंत्री ने कहा कि, ‘कोई भी ये न सोचे की पाबंदी हटा दी गयी है हमने सिर्फ अर्थव्यवस्था के पहिये को थोड़ा सा घुमाने की कोशिश की है। अगर इस तरह की घटना सामने आती रही तो हम सख्‍त कदम उठायेंगे, इसके लिए जरूरी है की ऐसी घटना दोबारा न हो।’

अखाड़ा परिषद की चेतावनी- आंदोलन करेंगे

इलाहाबाद में अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरी ने कहा कि, महाराष्ट्र के पालघर जिले के एक गांव में ब्रह्मलीन संत को समाधि देने जा रहे साधु-संतों पर पुलिस की मौजूदगी में एक धर्म विशेष के लोगों ने हमला कर हत्या कर दी। साथ ही उन्होंने महाराष्ट्र सरकार को चेतावनी भी दी है कि, ‘यदि सरकार ने हत्यारों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की तो सभी अखाड़े बैठक कर महाराष्ट्र सरकार के खिलाफ आंदोलन का शंखनाद करेंगे।’

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