पुण्यतिथि : आज भी रहस्यमयी है पंडित दीनदयाल उपाध्याय की मौत, जानिए उनसे जुड़ी कुछ खास बातें

deendayal upadhyay

चैतन्य भारत न्यूज

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के संगठनकर्ता पंडित दीनदयाल उपाध्याय की आज पुण्यतिथि है। आज हम आपको बताने जा रहे हैं दीनदयाल उपाध्याय की जिंदगी से जुड़ी कुछ खास बातें जिन्हें बहुत ही कम लोग जानते हैं।



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  • दीनदयाल का जन्म 25 सितंबर 1916 को मथुरा के नगलाचंद्रबन गांव में हुआ। दीनदयाल के पिता एक ज्योतिषी थे। जब वह तीन साल के थे तब उनकी माता का देहांत हो गया और जब 8 साल के थे तब उनके पिता का देहांत हो गया।
  • पढ़ाई में बचपन ही तेज दीनदयाल हाई स्कूल के लिए राजस्थान के सीकर चले गए। सीकर के महाराज ने दीनदयाल को पढ़ाई के लिए किताबें खरीदने के लिए 250 रुपए और 10 रुपए के स्कॉलरशिप की व्यवस्था की।

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  • बीए करने के बाद दीनदयाल एमए की पढ़ाई के लिए आगरा चले गए। यहां पर दीनदयाल ने नानाजी देशमुख और भाऊ जुगाड़े के साथ पूरी तरह से आरएसएस के लिए काम किया।
  • इलाहाबाद में भी वह आरएसएस के लिए काम करते रहे और यहां से वह 1955 में लखीमपुर चले गए जहां पर पूरी तरह आरएसएस के लिए समर्पित हो गए।
  • दीनदयाल और श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने मिलकर जनसंघ की नींव रखी थी। श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने जनसंघ में रहते हुए उन्होंने एक ऐसी विचारधारा की नींव रखी जिस पर आगे चलकर भारतीय जनता पार्टी का निर्माण हुआ।

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  • दीनदयाल उपाध्याय के बारे में कहा जाता है कि सफर के दौरान वे अचानक गायब हो गए थे। 11 फरवरी 1968 को उनका शव मुगल सराय रेलवे स्टेशन पर मिला था। जो अब दीनदयाल उपाध्याय स्टेशन के नाम से जाना जाता है। इसका नाम उत्तरप्रदेश में योगी सरकार ने बदला था। इसके साथ ही इलाहाबाद का नाम प्रयागराज रखा गया है।

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