इस देश में अब बच्चों के साथ मारपीट नहीं कर पाएंगे माता-पिता, सरकार ने छीना 59 साल पुराना अधिकार

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चैतन्य भारत न्यूज

दक्षिण कोरिया में अब माता-पिता अपने बच्चों के साथ मारपीट नहीं कर सकते हैं। दरअसल, यहां सरकार ने करीब 59 साल पुराने एक कानून को खत्म करने की घोषणा की है। इस कानून में माता-पिता को अपने बच्चों को सजा देने का अधिकार मिला है लेकिन अब उनसे यह अधिकार छीनने जा रहा है।

सामाजिक कल्याण मंत्री पार्क नेउंग-हू में इस बारे में कहा कि, ‘ज्यादातर लोग इस बात को मानते हैं कि बच्चों के खिलाफ हिंसा एक गंभीर सामाजिक समस्या है। अब भी बहुत से माता-पिता अपने बच्चों को शारीरिक सजा देना सही मानते हैं। इसलिए अब मंत्रालय ऐसे लोगों की सोच को बदलेगा।’ सरकार द्वारा की गई इस घोषणा के बाद लोगों ने इसका विरोध करना शुरू कर दिया। कुछ लोगों का कहना है कि, कई बार बच्चों को सुधारने के लिए उनकी पिटाई करना जरुरी होता है।

पैरेंट एसोसिएशन की प्रमुख ली क्यूंग-जा ने भी इस कानून का विरोध किया है। उन्होंने तो दावा किया है कि, ‘मैं अपने बच्चों की पिटाई करूंगी चाहे फिर इसके लिए मुझे सजा ही क्यों ना हो।’ वहीं एक अन्य अभिभावक ने कहा- ‘बच्चा हमारा है और उनकी जिम्मेदारी भी हमारी है। सरकार घरेलू मामलों में दखल देने वाली कौन होती है। अगर वो अपने माता-पिता की बात नहीं मानेंगे और हम उन्हें पीट भी नहीं पाएंगे, तो फिर वो सुधरेंगे कैसे?’

कब आया था कानून?

दक्षिण कोरिया में ये कानून साल 1960 में आया था। इस कानून के तहत माता-पिता अपने बच्चों को अनुशासित रखने के लिए उनकी पिटाई कर सकते हैं। ये कानून विद्यालयों में 2010 तक लागू था। दरअसल, दक्षिण कोरिया में बच्चों के मारपीट के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, साल 2001 से 2017 के बीच करीब 22 हजार से ज्यादा मामले दर्ज किए गए थे। इनमे 77 फीसदी आरोपी माता-पिता थे। एक सर्वे में ये पाया गया था कि, 76 फीसदी माता-पिता अपने बच्चों को पीटना जरुरी समझते हैं।

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