गुजरात हाईकोर्ट का आदेश- मॉल व अन्य व्यावसायिक संस्थान नहीं वसूल सकते पार्किंग शुल्क

चैतन्य भारत न्यूज

अहमदाबाद. कानूनी प्रावधानों के तहत मॉल-मल्टीप्लेक्स में आने वाले लोगों से पार्किंग शुल्क वसूलने का कोई अधिकार नहीं है। इसी अधिकार का हक जनता को दिलाते हुए गुजरात हाई कोर्ट ने कहा कि, ‘मॉल तथा अन्य निजी व्यावसायिक संस्थान पार्किंग शुल्क नहीं वसूल सकते।’

कार्यकारी मुख्य न्यायधीश अनंत एस. दवे और न्यायमूर्ति बीरेन वैष्णव की खंडपीठ के समक्ष पेश किए गए शपथपत्र में दोनों प्रतिवादियों ने कहा कि, ‘मॉल का निर्माण व्यापार संबंधी परिभाषा के तहत है। इसलिए कॉमर्शियल पार्किंग सहित 20 फीसदी पार्किंग यहां आने वाले लोगों के लिए अलग से रखना पड़ता है।’ इसके बाद हाईकोर्ट ने कहा कि, ‘व्यवसायिक संगठनों को पार्किंग का खर्च खुद वहन करना चाहिए। उन्हें लोगों से पार्किंग शुल्क लेने का कोई अधिकार नहीं है।’

खबरों के मुताबिक, अनंत एस. दवे और न्यायाधीश बीरेन वैष्णव की बेंच से व्यवसायिक संगठनों की मांग की थी कि, रख-रखाव खर्च आदि के लिए पार्किंग शुल्क वसूलने की छूट दी जाए। पार्किंग चार्ज को लेकर गुजरात प्रोविंशियल म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन एक्ट 1949, गुजरात टाउन प्लानिंग एंड अर्बन डवलपमेंट एक्ट 1976 और जीडीसीआर में ऐसा कोई प्रावधान नहीं है जिसके तहत मॉल-मल्टीप्लेक्स संचालक उनके यहां आने वाले लोगों से पार्किंग चार्ज वसूल सकें।

 

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