बंगाल: स्कूली कोर्स में शामिल होगा ‘गुड टच-बैड टच’, आप भी अपने बच्चों को इन तरीकों से जरूर सिखाएं

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चैतन्य भारत न्यूज

कोलकाता. पश्चिम बंगाल के स्कूलों में एक अनोखी पहल शुरू हो रही है। दरअसल यहां के स्कूलों के कोर्स में अब गुड टच, बैड टच के बारे में भी बताया जाएगा। जी हां… राज्य सरकार ने 4 से 12 साल की उम्र के बच्चों को यौन हिंसा से बचाने और जागरूक करने के लिए यह फैसला लिया है। इसी कड़ी में आइए जानते हैं क्या होता है गुड टच, बैड टच और आपको अपने बच्चों को क्या-क्या बातें बतानी चाहिए-



क्या होता है गुड टच और बैड टच

‘गुड टच’ और ‘बैड टच’ का मतलब छूने वाली की नीयत से है। जैसे कि कोई व्यक्ति आपको किस नीयत से छू रहा है या वह किस जगह, किस तरीके से छू रहा है- इसी से पता चलता है कि वह गुड टच है या बैड टच। लेकिन इसके बारे में बताने से पहले बच्चे को उसके शरीर के अंगों के बारे में सही जानकारी देना भी जरूरी है। प्रेक्टिकल रूप में उन्हें समझाने की कोशिश करें, ताकि वो आसानी से समझ सके।

गुड टच

अगर कोई आपको टच करता है और आपको अच्छा लगता है या स्नेह की अनुभूति होती है तो यह गुड टच कहलाता है। इसको आप अपनी मां, पिता, बड़ी बहन, दादी के स्पर्श से महसूस कर सकते हैं।

बैड टच

जब कोई आपको इस तरह से छुए जिससे आपको बुरा लगे या आप असहज महसूस कर रहे हैं तो ये बैड टच हो सकता है। इसके अलावा कोई अनजान व्यक्ति आपके प्राइवेट पार्ट्स या कई अन्य जगह आपको गलत तरीके से छूने की कोशिश करे तो यह बैड टच होता है। साथ ही कोई आपके साथ गलत हरकत करे और बोले कि किसी को बताना मत, तो ये बैड टच होता है।

माता-पिता से तुरंत करें शिकायत

बच्चों को बताएं कि अगर उन्हें कोई बैड टच करता है या उनके साथ गलत हरकत करता है तो तुरंत आप अपने माता-पिता को बताएं। साथ ही उस वक्त वहां चिल्लाना शुरू कर दें।

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