बाबा रामदेव ने लॉन्च की कोरोना की दवा ‘कोरोनिल’, 7 दिन में 100% मरीज ठीक होने का दावा, जानिए कीमत

चैतन्य भारत न्यूज

कोरोना महामारी को खत्म करने के लिए दुनियाभर के वैज्ञानिक और विशेषज्ञ इसकी दवा बनाने में जुटे हुए हैं। इसी बीच पतंजलि आयुर्वेद कंपनी के बाबा रामदेव ने कोरोना पर दवा बनाने का दावा किया है। इस दवा को ‘दिव्य कोरोनिल टैबलेट’ नाम दिया गया है। मंगलवार को हरिद्वार में बाबा रामदेव ने इस दवा को लॉन्च किया।

इतनी है कीमत

पतंजलि ने यह दवा क्लीनिकल ट्रायल के बाद तैयार की है। कोरोनिल किट 545 रुपए में उपलब्ध होगी। इस दवा का सेवन करने पर रोगी पांच से 14 दिनों के भीतर ठीक हो जाता है। दवा को लॉन्च करते हुए योग गुरु बाबा रामदेव ने कहा कि पूरे देश को कोरोना वायरस की दवा की प्रतिक्षा थी, इसलिए आखिरकर हमने दवा को तैयार कर लिया है। उन्होंने बताया कि इस दवा का परीक्षण 280 रोगियों पर किया गया है और सभी रोगी स्वस्थ हो चुके हैं। 100 लोगों पर क्लिनिकल कंट्रोल ट्रायल की स्टडी की गई। 3 दिन के अंदर 69 फीसदी रोगी रिकवर हो गए, यानी पॉजिटिव से निगेटिव हो गए। यह इतिहास की सबसे बड़ी घटना है। सात दिन के अंदर 100 फीसदी रोगी रिकवरी हो गए। हमारी दवाई का सौ फीसदी रिकवरी रेट है और शून्य फीसदी डेथ रेट है।

क्या-क्या है दवा में शामिल?

आचार्य बालकृष्ण के अनुसार दवा में अश्वगंधा, गिलोय, तुलसी, श्वसारि रस व अणु तेल हैं। यह दवा अपने प्रयोग, इलाज और प्रभाव के आधार पर राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सभी प्रमुख संस्थानों, जर्नल आदि से प्रामाणिक है। अमेरिका के बायोमेडिसिन फार्माकोथेरेपी इंटरनेशनल जर्नल में इस शोध का प्रकाशन भी हो चुका है। पतंजलि का दावा है कि यह शोध संयुक्त रूप से पतंजलि रिसर्च इंस्टीट्यूट (PRI), हरिद्वार एंड नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस (NIMS), जयपुर द्वारा किया गया है। दवा का निर्माण दिव्य फार्मेसी, हरिद्वार और पतंजलि आयुर्वेद लिमिटेड, हरिद्वार द्वारा किया जा रहा है।

7 दिन के अंदर स्टोर में और फिर आएगी ऐप

आयुर्वेद से बनी यह दवा अगले सात दिनों में पतंजलि के स्टोर पर मिलेगी, इसके अलावा सोमवार को एक ऐप लॉन्च किया जाएगा जिसकी मदद से ये दवाई घर पर पहुंचाई जाएगी।

ऐसे काम करती है दवा

आचार्य बालकृष्ण के मुताबिक दिव्य कोरोनिल टैबलेट में शामिल अश्वगंधा कोविड-19 के आरबीडी को मानव शरीर के एसीई से मिलने नहीं देता। इससे संक्रमित मानव शरीर की स्वस्थ कोशिकाओं में प्रवेश नहीं कर पाता। वहीं गिलोय भी संक्रमण होने से रोकता है। तुलसी का कंपाउंड कोविड-19 के आरएनए-पॉलीमरीज पर अटैक कर उसके गुणांक में वृद्धि करने की दर को न सिर्फ रोक देता है, बल्कि इसका लगातार सेवन उसे खत्म भी कर देता है। वहीं श्वसारि रस गाढ़े बलगम को बनने से रोकता है और बने हुए बलगम को खत्म कर फेफड़ों की सूजन कम कर देता है।

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