पौष पूर्णिमा आज, इस व्रत को करने से होती है मोक्ष की प्राप्ति, जानिए पूजा विधि

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चैतन्य भारत न्यूज

हिंदू धर्म में पूर्णिमा का बड़ा महत्व है। पूर्णिमा की तिथि चंद्रमा को प्रिय होती है और इस दिन चंद्रमा अपने पूर्ण आकार में होता है। वहीं पौष पूर्णिमा के दिन दान, स्नान और सूर्य देव को अर्घ्य देने का विशेष महत्व है। इस बार पौष पूर्णिमा 27 जनवरी को है। आइए जानते हैं पौष पूर्णिमा का महत्व और पूजा-विधि।



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पौष पूर्णिमा का महत्व

हिंदू धर्म से जुड़ी मान्यता के अनुसार पौष सूर्य देव का माह कहलाता है। कहा जाता है कि इस मास में सूर्य देव की आराधना से मनुष्य को मोक्ष की प्राप्ति होती है। इसलिए पौष पूर्णिमा के दिन पवित्र नदियों में स्नान और सूर्य देव को अर्घ्य देने की परंपरा है। स्नान के बाद इस दिन दान करने की भी परंपरा है। इस दिन सूर्य और चंद्रमा दोनों के पूजन से मनोकामनाएं पूर्ण होती है और जीवन में आने वाली बाधाएं दूर होती हैं।

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इस बार पौष पूर्णिमा पर ग्रहों का क्या संयोग होगा?

सूर्य, शनि, बृहस्पति और शुक्र का संयोग होगा। गुरु, मंगल और चन्द्रमा का अद्भुत केंद्रीय संबंध बना रहेगा। इसके कारण अमृत वर्षा होगी और पवित्रता बनी रहेगी। इस दिन दुर्लभ गुरु पुष्य नक्षत्र भी रहेगा। इस बार के स्नान से मुक्ति और मोक्ष की सम्भावना काफी ज्यादा बनेगी।

पौष पूर्णिमा पूजन-विधि

  • पौष पूर्णिमा पर सूर्योदय से पहले उठ जाना चाहिए।
  • संभव हो तो इस दिन तीर्थ या पवित्र नदियों में स्नान करें।
  • स्नान के पश्चात सूर्य मंत्र का उच्चारण करते हुए सूर्य देव को अर्घ्य देना चाहिए।
  • इसके बाद किसी जरुरतमंद व्यक्ति या ब्राह्मण को भोजन कराकर दान-दक्षिणा दें।
  • दान में तिल, गुड़, कंबल और ऊनी वस्त्र विशेष रूप से दें।

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