कोरोना लॉकडाउन: पेट्रोल-डीजल की मांग 66% तक गिरी, कीमतों में कोई कमी नहीं

petrol and diesel.petrol,diesel

चैतन्य भारत न्यूज

नई दिल्ली. कोरोना वायरस के लॉकडाउन के कारण ट्रैवल और अन्य सभी आर्थिक गतिविधियों पर ब्रेक लग गया है। इस वजह से अपील के महीने में पेट्रोल और डीजल की मांग में 66 प्रतिशत से ज्यादा गिरावट देखने को मिली है। साथ ही विमानन ईंधन यानी एटीएपफ की खपत 90 प्रतिशत से ज्यादा गिर गई है। लेकिन फिर भी पेट्रोल और डीजल के दाम जस के तस बने हुए हैं।

एक दशक में सबसे बड़ी गिरावट

एक अधिकारी का कहना है कि देशभर में लॉकडाउन के कारण औद्योगिक इकाइयां बंद हैं और हवाई परिचालन ठप है। इंडस्ट्री से जुड़े अधिकारियों ने जो आंकड़े दिए हैं उसके मुताबिक, अप्रैल महीने में डीजल और पेट्रोल की मांग में 66 प्रतिशत की गिरावट देखी जा रही है, जबकि उड़ानों के बंद होने के कारण एटीएफ की मांग करीब 90 पर्सेंट कम चल रही है। मार्च में करीब 18 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई। यह देश में ईंधन की खपत में आई एक दशक से ज्यादा समय की सबसे बड़ी गिरावट है।

मार्च देख चुका दशक की सबसे कम मांग

साल 2019 में अप्रैल में देश में 24 लाख टन पेट्रोल और 73 लाख टन डीजल की खपत हुई थी। इसी तरह 6.45 लाख टन विमानन ईंधन की खपत हुई थी। आपको बता दें भारत तीसरा सबसे बड़ा ईंधन उपभोक्ता देश है।मार्च महीने के दौरान डीजल, पेट्रोल और विमानन ईंधन की मांग गिरने से पेट्रोलियम उत्पादों की खपत 17.79 फीसदी गिरकर 160.8 लाख टन रही। मार्च में सबसे ज्यादा खपत वाले ईंधन डीजल की मांग में 24.23 फीसदी की गिरावट आई और यह 56.5 लाख टन रह गई। इसकी मुख्य वजह यह थी कि महीने के दूसरे पखवाड़े में लगभग सभी ट्रकों की आवाजाही बंद हो गई और रेलवे का परिचालन भी बंद हुआ। हालांकि इस दौरान एलपीजी की खपत 1.9 प्रतिशत से बढ़कर 23 लाख टन पर पहुंच गई।

 

Related posts