कोरोना पीड़ितों की मदद के नाम पर हो रही ठगी, PM CARES FUND के फर्जी लिंक बनाकर हो रही साइबर धोड़ाधड़ी

चैतन्य भारत न्यूज

नई दिल्ली. इस समय पूरा देश कोरोना वायरस के खिलाफ जंग लड़ रहा है। इस महामारी से निपटने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अलग-अलग राज्यों के मुख्यमंत्री मदद मांग रहे हैं। देश की जनता भी इस मुश्किल घड़ी में दिल खोलकर दान कर रही है। इसी बीच कुछ साइबर ठगों ने PM cares (प्रधानमंत्री नागरिक सहायता एवं आपात स्थिति राहत कोष – पीएम केयर्स) के नाम पर कई फर्जी वेबसाइट बनाकर ठगी करना शुरू कर दिया है।

सरकार ने जारी की चेतावनी

महाराष्ट्र साइबर पुलिस ने ठगी करने वाले 78 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। साथ ही हैदराबाद पुलिस की साइबर अपराध शाखा ने भी फर्जी यूपीआइ आइडी तैयार कर ठगी करने वाले अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। ठगी के कई मामले सामने आने के बाद इसे लेकर सरकार ने चेतावनी जारी की है।

यहां हुए मामले दर्ज

महाराष्ट्र साइबर पुलिस के अधिकारियों ने शनिवार को बताया कि उन्होंने पकड़े गए कई फर्जी लिंक को निष्क्रिय कर दिया गया है। अधिकारियों के मुताबिक, दर्ज हुए 78 मामलों में से 8 मुंबई में, पुणे ग्रामीण और सतारा जिले में छह-छह, बीड और नासिक ग्रामीण में पांच-पांच, नागपुर, नासिक, ठाणे और कोल्हापुर में चार-चार मामले हैं।

ये हैं फर्जी आईडी

भारतीय कंप्यूटर इमरजेंसी रिस्पांस टीम ने बताया कि, उसने कई फर्जी यूपीआइ आइडी पकड़ी हैं। ये सभी आईडी पीएम-केयर्स फंड के लिए इस्तेमाल होने वाली यूपीआइ आइडी से मिलतीजुलती हैं। फर्जी यूपीआइ आइडी में पीएमकेयर एट एसबीआई, पीएमकेयर्स एट पीएनबी, पीएमकेयर्स एट एचडीएफसीबैंक, पीएमकेयर्स एट यसबैंक, पीएमकेयर एट वाईबीएल, पीएमकेयर एट यूपीआइ, पीएमकेयर एट एसबीआइ और पीएमकेयर्स एट आइसीआइसीआइ हैं।

ऐसे करें पहचान

भारतीय कंप्यूटर इमरजेंसी रिस्पांस टीम ने बताया कि असली यूपीआइ आइडी ‘पीएमकेयर्स @ एसबीआइ’ (PMCARES@SBI) है. यह ‘पीएम केयर्स’ के नाम से रजिस्टर्ड है. यदि आप भी राशि दान कर रहे हैं तो उससे पहले आप यूपीआइ आइडी और रजिस्टर्ड नाम की जांच जरूर करें।

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