अपनी सादगी के लिए मशहूर हैं ‘मोदी कैबिनेट’ के ये दो मंत्री, साइकिल से पहुंचें संसद भवन

चैतन्य भारत न्यूज

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को दूसरी बार शपथ ग्रहण की। राष्ट्रपति भवन के प्रांगण में आयोजित एक भव्य समारोह में पीएम मोदी व उनके मंत्रिमंडल के 57 सदस्यों को पद व गोपनीयता की शपथ दिलाई। इन सदस्यों में दो ऐसे भी नाम शामिल थे जो अपनी सादगी के लिए जाने जाते हैं। ये दो नाम हैं प्रताप चंद्र सारंगी और मनसुख मंडाविया। यह दोनों ही मंत्री कहीं भी जाते हैं तो साइकिल से ही जाते हैं।

न घर, न परिवार, सबसे गरीब सांसद हैं सारंगी

64 वर्षीय प्रताप चंद्र सारंगी ने बीजेपी के टिकट पर बालासोर लोकसभा सीट से जीत हासिल की। उन्हें ‘ओडिशा का मोदी’ भी कहा जाता है। उनकी जिंदगी और उनकी जीवनशैली की तुलना लोग पीएम मोदी से करते हैं। जब भी पीएम मोदी ओडिशा जाते हैं तो वह सारंगी से जरूर मुलाकात करते हैं। सारंगी कभी साधु बनना चाहते थे और वह एकांत में जीवन बिताना चाहते थे। लेकिन समाज के प्रति उनका समर्पण और जनसेवा का भाव ही उन्हें मोदी मंत्रिमंडल तक खींच लाया। लोकसभा चुनाव 2019 में सारंगी ने बालासोर संसदीय सीट से बीजद प्रत्याशी रबींद्र कुमार जेना को 12,956 वोटों से हराया। जब दूसरे उम्मीदवार बड़ी-बड़ी गाड़ियों में बैठकर प्रचार कर रहे थे तब सारंगी किराए के ऑटोरिक्शा में रैली कर रहे थे। कई बार वह अपनी साइकिल से भी प्रचार करने निकल पड़ते थे। सारंगी कभी किसी गुफा में साधना में लीन रहते तो कभी वह जानवरों की सेवा करते हुए नजर आते हैं। इसी प्रकार लोग उनकी इस सादगी और काम के मुरीद हो गए हैं। भले ही सारंगी ने चुनाव जीता हो लेकिन उनके जीवन में कोई बदलाव नहीं आया है। अब भी सारंगी कच्चे घर में ही रहते हैं। वह परिवार से दूर अकेले जीवन यापन करते हैं।

फैशन नहीं, पैशन है साइकिल से जाना

मनसुख मंडाविया को खासतर से पर्यावरण और स्वस्थ जीवन के पक्ष में काम करने के लिए जाना जाता है। मंडाविया पिछले करीब सात साल से साइकिल से ही संसद भवन जाते हैं। उन्होंने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर भी ग्रीन एमपी लिखा हुआ है। मंडाविया पशु चिकित्सक हैं। वह साल 2002 में विधायक बने थे। 2016 को मंडाविया ने रोड ट्रांसपोर्ट और हाइवे, शिपिंग और केमिकल एंड फर्टिलाइजर मंत्रालय में बतौर राज्य मंत्री शपथ ली थी। मंडाविया पर्यावरण को लेकर अपने जुनून के कारण साइकिल से चलते हैं। उन्होंने इस बारे में कहा कि, ‘मैं पिछले सात साल से संसद साइकिल से ही जाता रहा हूं। मेरे लिए यह कोई फैशन नहीं, बल्कि पैशन है। इससे ईंधन बचता है और स्वस्थ जीवन में मदद मिलती है।’

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