महाबलिपुरम में पीएम मोदी ने किया राष्ट्रपति जिनपिंग का जोरदार स्वागत, दिखाया पंच रथ-अर्जुन तपस्या स्थल

modi

चैतन्य भारत न्यूज

महाबलिपुरम. दो दिवसीय भारत दौर पर आए चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने महाबलीपुरम पहुंचकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। जैसे ही जिनपिंग महाबलिपुरम पहुंचे तो पीएम मोदी ने उनका जोरदार स्वागत किया। इस दौरान पीएम मोदी तमिलनाडु के पारंपरिक परिधान मुंडू में नजर आए।


पीएम मोदी ने चीनी राष्ट्रपति को अर्जुन तपस्थली के बारे में बताया। अर्जुन तपस्या महाबलिपुरम के शानदार स्मारकों में से एक है। ये वो ही जगह है जहां पर अर्जुन ने तपस्या की थी। साथ ही उन्होंने जिनपिंग के साथ महाबलीपुरम में पंच रथ और शोर मंदिर में भी भ्रमण किया और इस दर्शनीय स्थल के बारे में जानकारियां दीं। बता दें पंच रथ को ठोस चट्टानों को काटकर बनाया गया है। यह सभी अंखड मंदिर के रूप में मुक्त तौर पर खड़े किए गए हैं। पंच रथ के बीच में एक विशाल हाथी और शेर की प्रतिमाएं भी स्थापित हैं।


इस दौरान मोदी ने जिनपिंग को कृष्ण का माखन लड्डू भी दिखाया। बता दें इस माखन लड्डू की ऊंचाई 6 मीटर और चौड़ाई करीब 5 मीटर है। इसका वजन 250 टन है। इसके बाद पीएम मोदी और जिनपिंग शाम 6 बजे से सांस्कृतिक कार्यक्रम में शामिल हुए।


बता दें जिनपिंग के पहुंचने से पहले प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया के जरिए उनका अनोखे अंदाज में स्वागत किया था। पीएम मोदी ने चीनी, तमिल और अंग्रेजी तीन भाषाओं में ट्वीट किया था और महाबलिपुरम पहुंचने की खुशी जाहिर की। इसके साथ ही उन्होंने चीनी राष्ट्रपति जिनपिंग का स्वागत भी किया।

मुलाकात के लिए महाबलीपुरम को ही क्यों चुना गया?

दरअसल, दक्षिण भारत के इस प्राचीन शहर का चीन से करीब 2000 साल पुराना रिश्ता है। दोनों के बीच व्यापारिक रिश्ते थे। समंदर किनारे बसे इस बंदरगाह वाले शहर का चीन से इस कदर पुराना नाता है कि यहां और इसके आसपास के इलाके में चीनी सिक्के भी मिले। इसलिए पीएम मोदी और जिनपिंग की मुलाकात के लिए इस प्राचीन शहर को चुना गया। गौरतलब है कि मोदी और जिनपिंग इससे पहले साल 2018 में 27 और 28 अप्रैल को चीन के वुहान में मिले थे।

Related posts