अंडमान को मिली कनेक्टविटी की सौगात, 3-4 सेकेंड में डाउनलोड हो सकेंगे 40 हजार गाने, समुद्र के नीचे से ऑप्टिकल फाइबर केबल से जोड़े गए चेन्नई और पोर्ट ब्लेयर

चैतन्य भारत न्यूज

नई दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को अंडमान-निकोबार में सबमरीन ऑप्टिकल फाइबर केबल का वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए उद्घाटन किया। बता दें यह फाइबर केबल चेन्नई से पोर्ट ब्लेयर तक समुद्र के अंदर बिछाई गई है, जिसकी मदद से अंडमान में अब इंटरनेट की स्पीड काफी तेज होगी। जानकारी के मुताबिक, इस फाइबर केबल की लंबाई 2,300 किलोमीटर है। इसकी लागत करीब 1224 करोड़ रुपए आई है। 2018 में इसकी नींव पीएम मोदी ने ही रखी थी। इसके जरिए भारतीय द्वीपों के बीच बेहतर इंटरनेट कनेक्टिविटी हो सकेगी।


पीएम मोदी ने कहा कि, ‘अंडमान निकोबार के लोगों को केबल नेटवर्क के जरिये देश के सभी नागरिकों की तरह ऑनलइन शिक्षा, बेहतर इंटरनेट समेत सभी डिजिटल लाभ मिलेंगे। अंडमान निकोबार द्वीप समूह के सभी द्वीपों में बेहतर संपर्क सुविधा समेत बुनियादी ढांचे को मजबूत करने का काम जारी है। आने वाले समय में अंडमान निकोबार बंदरगाह से जुड़ी गतिविधियों के विकास के केंद्र के रूप में विकसित होने वाला है, अंडमान निकोबार दुनिया के कई बंदरगाहों से प्रतिस्पर्धी रूप से करीब स्थित है। अंडमान निकोबार में आज जितनी भी आधुनिक ढांचागत सुविधायें तैयार हो रही हैं, वो समुद्री क्षेत्र से जुड़ी अर्थव्यवस्था को भी गति देगें।’


प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि, ‘करीब डेढ़ साल में इसका काम पूरा कर दिया गया है। 15 अगस्त के जश्न से पहले ये लोगों के लिए ये उपहार है। पीएम ने कहा कि समुद्र में सर्वे किया गया, केबल को बिछाना और उसकी क्वालिटी मेंटेन करना आसान नहीं था। बरसों से इसकी जरूरत थी लेकिन काम नहीं हो पाया। कोरोना संकट भी काम को पूरा होने से नहीं रोक पाया, देश के इतिहास के लिए अंडमान से जुड़ना और कनेक्टविटी देना देश का दायित्व था। हमारी कोशिश है कि देश के हर नागरिक की दिल्ली और दिल से दूरियों को खत्म किया जाए, हर व्यक्ति तक सुविधाएं पहुंचाई जाएं। मोदी ने कहा कि इस प्रोजेक्ट से अंडमान के लोगों को ईज़ ऑफ लिविंग की सुविधा मिलेगी, साथ ही डिजिटल इंडिया के सभी लाभ मिलेंगे।’

आइए जानते हैं कि अंडमान-निकोबार में सबमरीन ऑप्टिकल फाइबर केबल बिछाने के बाद अब क्या फायदा होगा…

  • यह केबल लिंक चेन्नई और पोर्ट ब्लेयर के बीच 2×200 जीबी पर सेकंड (जीबीपीएस) की बैंडविड्थ देगा। पोर्ट ब्लेयर और बाकी आइलैंड्स के बीच बैंडविड्थ 2×100 जीबीपीएस रहेगी। यानी इससे 3-4 सेकेंड में 40 हजार गाने डाउनलोड हो सकेंगे।
  • हाई स्पीड इंटरनेट प्रोजेक्ट के कई फायदे भी हैं। ऑनलाइन पढ़ाई हो, टूरिज्म से कमाई हो, बैंकिंग हो, शॉपिंग हो या टेली-मेडिसिन दवाई हो, अब अंडमान निकोबार के हज़ारों परिवारों को भी ये ऑनलाइन मिल पाएंगी।
  • अंडमान को जो सुविधा मिली है, उसका बहुत बड़ा लाभ वहां जाने वाले टूरिस्टों को भी मिलेगा। बेहतर नेट कनेक्टिविटी आज किसी भी टूरिस्ट डेस्टिनेशन की सबसे पहली प्राथमिकता हो गई है
  • इससे भारत के दूसरे हिस्सों की तरह अंडमान-निकोबार को भी तेज और भरोसेमंद मोबाइल और लैंडलाइन टेलीकॉम सेवा मिल पाएगी।
  • समुद्र में केबल बिछाने के लिए खास तरह के जहाजों का इस्तेमाल किया जाता है। ये जहाज अपने साथ 2,000 किलोमीटर लंबी केबल तक ले जा सकते हैं। जहां से केबल बिछाने की शुरुआत होती है, वहां से एक हल जैसे इक्यूप्मेंट का इस्तेमाल करते हैं, जो जहाज के साथ-साथ चलता है।

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