पुलवामा आतंकी हमले पर छलका पीएम मोदी का दर्द, कहा- मैंने भद्दी राजनीति झेली, भद्दी बातें सुनी, लेकिन अब विरोधी बेनकाब हुए

चैतन्य भारत न्यूज

शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के गुजरात दौरे का दूसरा दिन है। आज प्रधानमंत्री ने सरदार वल्लभ भाई पटेल की जयंती के मौके पर स्टैच्यू ऑफ यूनिटी पहुंचकर उन्हें पुष्पांजलि अर्पित की। इसके बाद उन्होंने राष्ट्रीय एकता दिवस परेड की सलामी ली और जवानों को राष्ट्र सेवा की शपथ दिलाई। इसके बाद पीएम मोदी ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पुलवामा हमले को लेकर पाकिस्तान की संसद में इमरान खान के एक मंत्री के कबूलनामे के बाद पहली बार अपनी प्रतिक्रिया दी है।

प्रधानमंत्री ने पुलवामा हमले का जिक्र करते हुए कहा कि, जब हमारे देश के जवान शहीद हुए थे उस वक्त भी कुछ लोग राजनीति में लगे हुए थे। ऐसे लोगों को देश भूल नहीं सकता है। पीएम ने कहा कि, ‘उस वक्त वे सारे आरोपों को झेलते रहे, भद्दी भद्दी बातें सुनते रहे। मेरे दिल पर गहरा घाव था। लेकिन पिछले दिनों पड़ोसी देश से जिस तरह से खबरें आई है, जो उन्होंने स्वीकार किया है, इससे इन दलों का चेहरा उजागर हो गया है।


पीएम ने कहा, ‘जिस प्रकार वहां की संसद में सत्य स्वीकारा गया है, उसने इन लोगों के असली चेहरों को देश के सामने ला दिया है। अपने राजनीतिक स्वार्थ के लिए, ये लोग किस हद तक जा सकते हैं, पुलवामा हमले के बाद की गई राजनीति, इसका बड़ा उदाहरण है।’

पीएम ने आगे कहा, ‘हमें ये हमेशा याद रखना है कि हम सभी के लिए सर्वोच्च हित- देशहित है। आज अवसर है इस विराट और भव्य व्यक्तित्व के चरणों मे हम उसी भारत के निर्माण का संकल्प दोहराएं, जिसका सपना सरदार पटेल ने देखा था। मैं ऐसे राजनीतिक दलों से आग्रह करूंगा कि, देश की सुरक्षा के हित में, हमारे सुरक्षाबलों के मनोबल के लिए, कृपा करके ऐसी राजनीति न करें। अपने स्वार्थ के लिए, जाने-अनजाने आप देशविरोधी ताकतों की हाथों में खेलकर, न आप देश का हित कर पाएंगे और न ही अपने दल का।’

प्रधानमंत्री बोले, ‘देश भूल नहीं सकता कि तब कैसी-कैसी बातें कहीं गईं, कैसे-कैसे बयान दिए गए। देश भूल नहीं सकता कि जब देश पर इतना बड़ा घाव लगा था, तब स्वार्थ और अहंकार से भरी भद्दी राजनीति कितने चरम पर थी।
आज जब मैं अर्धसैनिक बलों की परेड देख रहा था, तो मन में एक और तस्वीर थी। ये तस्वीर थी पुलवामा हमले की। देश कभी भूल नहीं सकता कि जब अपने वीर बेटों के जाने से पूरा देश दुखी था, तब कुछ लोग उस दुख में शामिल नहीं थे, वो हमले में अपना राजनीतिक स्वार्थ देख रहे थे।’

उन्होंने आगे कहा कि, ‘हमारी विविधता ही हमारा अस्तित्व है। हम एक हैं तो असाधारण हैं। हमें ये भी याद रखना है कि भारत की ये एकता, ये ताकत दूसरों को खटकती भी रहती है। हमारी इस विविधता को ही वो हमारी कमजोरी बनाना चाहते हैं। ऐसी ताकतों को पहचानना जरूरी है, सतर्क रहने की जरूरत है।’

वहीं फ्रांस में कार्टून विवाद के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कुछ देशों की ओर इशारा करते हुए कहा कि, ‘प्रगति के इन प्रयासों के बीच, कई ऐसी चुनौतियां भी हैं जिसका सामना आज भारत, और पूरा विश्व कर रहा है। बीते कुछ समय से दुनिया के अनेक देशों में जो हालात बने हैं, जिस तरह कुछ लोग आतंकवाद के समर्थन में खुलकर सामने आ गए हैं, वो आज वैश्विक चिंता का विषय है।’

पीएम ने कहा कि, ‘आज के माहौल में, दुनिया के सभी देशों को, सभी सरकारों को, सभी पंथों को, आतंकवाद के खिलाफ एकजुट होने की बहुत ज्यादा जरूरत है। शांति-भाईचारा और परस्पर आदर का भाव ही मानवता की सच्ची पहचान है। आतंकवाद-हिंसा से कभी भी, किसी का कल्याण नहीं हो सकता है।’

Related posts