कोरोना को लेकर चिंता में PM : मुख्यमंत्रियों से कहा- अभी नाइट कर्फ्यू ही काफी, संपूर्ण लॉकडाउन की जरूरत नहीं

narendra modi

चैतन्य भारत न्यूज

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को एक बार फिर कोरोना को लेकर राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ मीटिंग की। इस बार मोदी कोरोना की रफ्तार को लेकर ज्यादा चिंतित थे। मीटिंग के दौरान उन्होंने कोरोना की विकराल स्थिति और वैक्सीनेशन पर चर्चा की।

मीटिंग के दौरान गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि, ‘कोरोना के मामले दोबारा बढ़ रहे हैं। ऐसे में तत्काल उपाय आवश्यक हो गया है। देश में 9 करोड़ से अधिक का टीकाकरण हो चुका है। 45 वर्ष से अधिक आयु के व्यक्तियों का टीकाकरण शीघ्र पूर्ण किया जाए।’

मोदी ने कहा कि कोरोना कर्फ्यू लोगों को अवेयर कर रहा है। हमें इस पर ध्यान देने की जरूरत है। अब माइक्रो कंटेनमेंट जोन पर ध्यान दीजिए। इसमें सरकार को ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है, लेकिन यह मेहनत रंग लाएगी। हमने पिछली बार 10 लाख एक्टिव केस देखे हैं। हमने उस पर सफलता पाई थी। अब तो हमारे पास अनुभव और संसाधन दोनों हैं। हम इस पीक को रोक सकते हैं।

पीएम मोदी के भाषण की खास बातें-

  • बैठक में पीएम मोदी ने कहा कि देश में इस बार कोविड संक्रमण की बढ़ोतरी पहले से भी तेज है। हम सब के लिए यह चिंता का विषय है। इस बार लोग पहले की अपेक्षा बहुत लापरवाह हो गए हैं।
  • पीएम मोदी ने कहा कि आज की समीक्षा में कुछ बातें हमारे सामने स्पष्ट हैं, उन पर हमें विशेष ध्यान देने की जरूरत है। पहला- देश संक्रमण की पहली लहर के समय की पीक को पार कर चुका है, और इस बार संक्रमण की रफ्तार पहले से भी ज्यादा तेज है।
  • दूसरा- महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़, पंजाब, मध्यप्रदेश और गुजरात समेत कई राज्य पहली लहर की पीक को भी पार कर चुके हैं। कुछ और राज्य भी इस ओर बढ़ रहे हैं। हम सबके लिए ये गंभीर चिंता का विषय है।
  • तीसरा- इस बार लोग पहले की अपेक्षा बहुत अधिक लापरवाह हो गए हैं। अधिकतर राज्यों में प्रशासन के साथ भी ऐसी ही स्थिति नजर आ रही है। ऐसे में कोरोना मामलों की इस अचानक बढ़ोतरी ने मुश्किलें पैदा की हैं।
  • उन्होंने कहा कि इन तमाम चुनौतियों के बावजूद, हमारे पास पहले की अपेक्षा बेहतर अनुभव है, संसाधन हैं, और वैक्सीन भी है। जनभागीदारी के साथ-साथ हमारे परिश्रमी डॉक्टर्स और हेल्थ-केयर स्टाफ ने स्थिति को संभालने में बहुत मदद की है और आज भी कर रहे हैं। टेस्ट, ट्रैक, ट्रीट, कोविड दिशानिर्देशों के अनुरूप व्यवहार और कोविड प्रबंधन, इन्हीं चीजों पर हमें बल देना है।
  • पीएम ने कहा कि 11 अप्रैल को ज्योतिबा फुले जयंती है और 14 अप्रैल को बाबा साहेब की जन्म जयंती है, उस बीच हम सभी ‘टीका उत्सव’ मनाएं। वैक्सीनेशन के साथ साथ हमें ये भी ध्यान रखना है कि वैक्सीन लगवाने के बाद की लापरवाही न बढ़े।
  • उन्होंने कहा कि हमारा प्रयास यही होना चाहिए कि इस टीका उत्सव में हम ज्यादा से ज्यादा लोगों को वैक्सीनेट करें। मैं देश के युवाओं से भी आग्रह करूंगा कि आप अपने आसपास जो भी व्यक्ति 45 साल के ऊपर के हैं, उन्हें वैक्सीन लगवाने में हर संभव मदद करें।
  • बैठक के अंत में पीएम मोदी ने एक बाक फिर जोर दिया कि हमें लोगों को ये बार-बार बताना होगा कि वैक्सीन लगने के बाद भी मास्क और सावधानी जरूरी है।

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