पीएम नरेंद्र मोदी रिव्यू : नरेंद्र मोदी की तरह जनता के दिलों में नहीं बस पाएगी ये फिल्म, विवेक की मेहनत पर फिर सकता है पानी

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टीम चैतन्य भारत

फिल्म : पीएम नरेंद्र मोदी
कलाकार : विवेक ओबेरॉय, मनोज जोशी, दर्शन कुमार, बोमन ईरानी, प्रशांत नारायणन, जरीना वहाब, बरखा बिष्ट सेनगुप्ता, अंजन श्रीवास्तव, यतीन कार्येकर, राजेंद्र गुप्ता और अक्षत आर सलूजा
निर्देशक : ओमंग कुमार
सर्टिफिकेट : U
फिल्म टाइप : बायोग्राफी, ड्रामा
अवधि : 2 घंटे 11 मिनट

कहानी :

फिल्म की कहानी एक शख्स पर आधारित है, जो अपना बचपन गरीबी में बिताता है। बालपन में यह शख्स चीन सीमा पर जाते फौजियों को चाय मुफ्त में पिलाता था। यह शख्स अपनी जवानी के दिनों में मां का आर्शीवाद लेकर सन्यासी बनने निकल पड़ता है। फिर वह अपने गुरु के कहने पर बस्ती में लौटा और पार्टी की अंदरूनी सियासत से जूझकर जननायक बना। कहानी की शुरुआत 2013 में उस समय से होती है जब नरेंद्र मोदी (विवेक ओबेरॉय) को प्रधानमंत्री का उम्मीदवार घोषित किया जाता है। फिर कहानी फ्लैशबैक में चली जाती है जब मोदी स्टेशन पर चाय बेचते हैं। मोदी के पिता एक चाय की दुकान पर काम करते थे और मां घरों में बर्तन साफ करने जाती थी। जब घरवालों ने थोड़ा बड़ा होने पर नरेंद्र की शादी के बारे में सोचा तो उससे पहले ही उन्होंने घरवालों से सन्यासी बनने की इजाजत मांगी और घर छोड़ दिया। फिर नरेंद्र हिमालय की चोटियों में अपने जीवन का उद्देश्य तलाशने निकले। बाद में नरेंद्र ने बतौर आरएसएस कार्यकर्ता गुजरात वापसी की और फिर कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। मोदी ने आगे किस तरह से गुजरात के सीएम से लेकर भारत के पीएम तक की गद्दी हासिल की? यह जानने के लिए आपको फिल्म देखनी होगी।

क्यों देखें फिल्म :

अगर आप मोदी के फैन हैं तो ये फिल्म एक बार देखना तो बनता है। इसके अलावा यदि आपको राजनीतिक मुद्दों पर आधारित फिल्म पसंद है या फिर आप नरेंद्र मोदी के जीवन के बारे में गहराई से जानना चाहते हैं तो आप फिल्म देख सकते हैं। फर्स्ट हाफ में मोदी के जीवन के संघर्षों के बारे में दिखाया है। सेकंड हाफ में पीएम मोदी की रैली और उनके प्रधानमंत्री बनने से पहले के सफर पर फोकस किया गया। राइटिंग और स्क्रिप्ट फिल्म की कमजोरी साबित हो सकती है। इसके अलावा फिल्म में निरंतरता नहीं दिखी। यदि आप अच्छे और मनोरंजनक कंटेंट की तलाश में ये फिल्म देखने जा रहे हैं तो आपको निराशा हाथ लग सकती है। हालांकि, यह फिल्म एक मोटिवेशन के तौर पर काम आ सकती है।

कलाकारों की एक्टिंग :

विवेक ओबेरॉय ने पीएम मोदी के किरदार को बखूबी निभाने के लिए पूरी जान लगा दी लेकिन फिर भी वह सफल न हो सके। विवेक ने ठीक-ठाक एक्टिंग की है। हालांकि, विवेक ने पीएम मोदी के भाषण में अपनी भाषा को बखूबी पकड़ा और उन्हीं के अंदाज में स्पीच दी। उनके लुक को मोदी की तरह दिखाने का पूरा प्रयास किया गया लेकिन इसमें भी वह सफल न हो सके। वहीं अमित शाह के रोल में मनोज जोशी भी जंचे हैं। फिल्म में सपोर्टिंग स्टारकास्ट को ज्यादा स्क्रीन टाइम नहीं दिया गया।

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