बेलूर मठ से पीएम मोदी का ममता को जवाब- युवा समझ गए CAA, लेकिन कुछ नेता समझना नहीं चाहते

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चैतन्य भारत न्यूज

कोलकाता. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दो दिवसीय कोलकाता दौरे पर हैं। रविवार सुबह पीएम मोदी ने रामकृष्ण मिशन के मुख्यालय बेलूर मठ (Belur Math) में ध्यान किया। उन्होंने मठ में ही शनिवार की पूरी रात बिताई। उनके मठ में ठहरने की खास वजह 12 जनवरी को स्वामी विवेकानंद जयंती बताई जा रही है।


‘मैं बंगाल सरकार का आभारी हूं’

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि, ‘मैं पश्चिम बंगाल सरकार का आभारी हूं, जिन्होंने प्रोटोकॉल तोड़कर बेलूर मठ में रात बिताने का मौका दिया।’ उन्होंने आगे कहा कि, ‘मेरा अतीत बेलूर मठ से जुड़ा है। बेलूर मठ में मुझे सिखाया गया था जनसेवा ही प्रभु सेवा है। बेलूर मठ की धरती पर आना मेरे लिए तीर्थयात्रा करने जैसा है। पिछली बार जब यहां आया था तो गुरुजी, स्वामी आत्मआस्थानंद जी के आशीर्वचन लेकर गया था। आज वो शारीरिक रूप से हमारे बीच विद्यमान नहीं हैं। लेकिन उनका काम, उनका दिखाया मार्ग, रामकृष्ण मिशन के रूप में सदा हमारा मार्ग प्रशस्त करता रहेगा।’

नागरिकता कानून को लेकर भ्रम फैलाया गया

बता दें स्वामी विवेकानंद जी की जयंती को राष्ट्रीय युवा दिवस के रूप में मनाया जाता है। युवाओं को लेकर पीएम मोदी ने कहा कि, ‘इस देश के युवाओं से भारत को ही नहीं दुनिया को भी बड़ी अपेक्षाएं हैं।’ साथ ही उन्होंने नागरिकता कानून का जिक्र करते हुए कहा कि, ‘भारत सरकार ने रातों रात कोई कानून नहीं बनाया है। देश में इसको लेकर काफी चर्चा हुई, लेकिन इसको लेकर युवाओं में भ्रम फैलाया गया। इस कानून के मुताबिक किसी भी देश का कोई भी व्यक्ति जो भारत से आस्था रखता है वह भारत की नागरिक हो सकता है।’

नागरिकता कानून का सरल किया

पीएम मोदी ने कहा कि, नागरिकता कानून किसी भी नागरिकता छीनता नहीं बल्कि नागरिकता देता है। उन्होंने आगे कहा कि, ‘नागरिकता कानून को लेकर कुछ युवा गलतफहमी का शिकार हैं। हमने नागरिकता कानून का सरल किया।’ पीएम मोदी ने बताया कि, ‘ये कानून रातों-रात नहीं बनाया गया बल्कि महात्मा गांधी भी ऐसा चाहते थे। इतनी स्पष्टता के बावजूद कुछ लोग इस कानून को लेकर भ्रम फैला रहे हैं।’

ममता बनर्जी पर कसा तंज

इस दौरान पीएम मोदी ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की ओर इशारा करते हुए कहा कि, ‘जो बात यहां बैठे बच्चों को समझ में आ गई वह बात राजनीतिक खेल खेलने वालों को समझ में नहीं आती है। दरअसल, वे इसे समझना ही नहीं चाहते हैं।’

पूर्वोत्तर की संस्कृति पर गर्व

प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में पूर्वोत्तर के राज्यों का भी जिक्र किया और कहा कि, उन्हें पूर्वोत्तर की संस्कृति पर गर्व हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि, ‘CAA की वजह से पूर्वोत्तर के किसी संवैधानिक व्यवस्था पर कोई असर नहीं पड़ेगा।

लोगों से किया यह सवाल

पाकिस्तान के बारे में बात करते हुए पीएम ने कहा कि, ‘पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों पर जो अत्याचार होता है उसका पर्दाफाश सीएए की वजह से हो सका है, और युवाओं ने पाकिस्तान के इस सच को सामने लाने में अहम भूमिका निभाई है। दुनिया भर में पाकिस्तान के जुल्म के खिलाफ भारत का युवा आवाज उठा रहा है। पाकिस्तान को जवाब देना पड़ेगा कि 70 साल में वहां अल्पसंख्यकों के साथ जुल्म क्यों हुआ।’ साथ ही मोदी ने बेलूर मठ में मौजूद लोगों से सवाल किया कि, ‘क्या भारत आए शरणार्थियों को मरने के लिए छोड़ देना चाहिए, क्या उन्हें लेकर हमारी जिम्मेदारी नहीं है?

नागरिकता कानून को लेकर विरोध क्यों?

गौरतलब है कि नागरिकता संशोधन कानून को लेकर शुरू से देश के कुछ हिस्सों में विरोध किया जा रहा है। नागरिकता संशोधन विधेयक को 10 दिसंबर को लोकसभा ने पारित किया गया था। राज्य सभा में यह विधेयक 11 दिसंबर को पारित हुआ। राष्ट्रपति के हस्ताक्षर के बाद 12 दिसंबर को यह विधेयक कानून बन गया। सबसे पहले इस कानून का विरोध पूर्वोत्तर राज्यों में शुरू हुआ। असम में लोग इस कानून से लोग सबसे ज्यादा गुस्से में हैं। साथ ही राजधानी दिल्ली में भी इस कानून के खिलाफ आग भड़की है। यह विरोध उत्तर प्रदेश होते हुए पश्चिम बंगाल तक पहुंच गया है।

बता दें नागरिकता संशोधन कानून के विरोध की एक वजह यह भी है कि इसे मुस्लिमों के खिलाफ माना जा रहा है। कहा जा रहा है कि इस कानून के चलते उनकी नागरिकता खतरे में पड़ जाएगी। कांग्रेस सहित कुछ प्रमुख विपक्षी दल इस कानून के खिलाफ हैं। लेकिन हम आपको बता दें इस कानून में देश के मुस्लिम नागरिकों के बारे में कुछ भी नहीं कहा गया है। इस कानून से उनका कोई संबंध नहीं है।

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