पीएम मोदी ने कहा- मैं तो किसान आंदोलन को ‘पवित्र’ मानता हूं, लेकिन आंदोलनजीवी इसे ‘अपवित्र’ कर रहे

चैतन्य भारत न्यूज

नए कृषि कानूनों के विरोध में सड़क से संसद तक संग्राम जारी है। बुधवार को पीएम नरेंद्र मोदी ने लोकसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव की चर्चा के दौरान उठे मुद्दों का जवाब दिया। इस दौरान उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार किसानों का बहुत सम्मान करती है और कृषि क्षेत्र की बेहतरी के लिए हमने ईमानदारी से प्रयास किए हैं। प्रधानमंत्री ने अपने भाषण में बाधा उत्पन्न करने की कोशिश करने वाले विपक्षी सांसदों को भी आड़े हाथों लिया।

संसद में पीएम मोदी ने कहा कि इस सदन में 15 घंटे से ज्यादा चर्चा हुई है। रात के 12-12 बजे तक चर्चा हुई है। मैं सभी का आभार व्यक्त करता हूं। महिला सांसदों का विशेष रूप से धन्यवाद देना चाहता हूं। पीएम ने कहा कि किसान आंदोलन को मैं पवित्र मानता हूं। भारत के लोकतंत्र में आंदोलन का महत्व है, लेकिन जब आंदोलनजीवी पवित्र आंदोलन को अपने लाभ के लिए अपवित्र करने निकल पड़ते हैं तो क्या होता है?

पीएम मोदी ने आगे कहा कि भारत आजादी के 75वें वर्ष पर दस्तक दे रहा है। आजादी का 75वां वर्ष हर भारतीय के लिए गर्व का विषय है। समाज व्यवस्था में हम कहीं पर हों देश के किसी कोने में हों। हम सब ने मिलकर के आजादी के इस पर्व से एक नई प्रेरणा प्राप्त करके 2047 जब देश आजादी के 100 साल पूरा कर रहे होंगे तो हमारा देश कहां हो इसके लिए संकल्प लेने का काम इस परिसर का है।

पीएम मोदी ने आगे कहा कि, अंग्रेज कहा करते थे कि भारत कई देशों का एक द्वीप है और कोई भी इसे एक नहीं कर सकता है। लेकिन आज 75 साल की यात्रा में हम विश्व के लिए एक आशा की किरण बनकर खड़े हैं। कोरोना के दौरान भारत ने जिस प्रकार से अपने आप को संभाला और दुनिया को संभलने में मदद की वो एक प्रकार से टर्निंग प्वाइंट है। जिस भावनाओं को लेकर हम पले बढ़े हैं वो है सर्वेभन्तु निरामया, कोरोना काल में भारत ने इसको करके दिखाया है।

पीएम मोदी ने आगे कहा कि पोस्ट कोरोना के बाद दुनिया में एक नया संबंधों का वातावरण आकार लेगा। ऐसी स्थिति में भारत एक कोने में कटकर नहीं रह सकता। हमें एक मजबूत प्लेयर के रूप में उभरकर निकलना होगा। भारत को सशक्त होना होगा और इसका एकमात्र रास्ता है आत्मनिर्भर भारत।

चर्चा के दौरान पीएम मोदी ने कोरोना से जीतने का क्रेडिट देश की जनता को दिया साथ ही साथ डॉक्टरों, स्वास्थ्यकर्मियों और सफाई कर्मियों की जमकर तारीफ की।

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