जवानों का हौसला बढ़ाने अचानक लेह पहुंचे पीएम मोदी, 11 हजार फीट की ऊंचाई पर बैठकर की बातचीत

चैतन्य भारत न्यूज

लेह. भारत-चीन तनाव के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार को अचानक लेह पहुंचे। उनके साथ में चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) विपिन रावत और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों का काफिला भी है। यहां प्रधानमंत्री मोदी को सेना, वायुसेना के अधिकारियों ने जमीनी हकीकत की जानकारी दी।

11 हजार फीट की ऊंचाई पर बैठकर की बातचीत

लेह में प्रधानमंत्री ने आईटीबीपी, वायु सेना और थल सेना के जवानों से मुलाकात कर उनकी हौसला अफजाई की और वरिष्ठ अधिकारियों से मौजूदा हालात के बारे में जानकारी ली। साथ ही पीएम मोदी ने सीमा पर अग्रिम मोर्चे नीमू का जायजा लिया। बता दें नीमू करीब 11 हजार फीट की ऊंचाई पर स्थित है। यह दुनिया की सबसे ऊंची और खतरनाक पोस्ट में से एक माना जाता है। यहां सांस लेना भी मुश्किल होता है। ये जगह जांस्कर रेंज से घिरी हुई है।

ये अफसर भी रहे मौजूद

बता दें पहले इस दौरे पर सिर्फ CDS बिपिन रावत को ही आना था, लेकिन पीएम मोदी ने खुद पहुंचकर सभी को चौंका दिया। पीएम मोदी और बिपिन रावत के साथ सेना प्रमुख एम.एम. नरवणे, नॉर्दन आर्मी कमांड के लेफ्टिनेंट जनरल वाईके जोशी, लेफ्टिनेंट जनरल हरिंदर सिंह भी मौजूद रहे।

टल गया था राजनाथ सिंह का दौरा

मई से ही चीन के साथ बॉर्डर पर तनाव जारी है और बॉर्डर पर लगातार गंभीर स्थिति बनी हुई है। इस बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का यहां पर पहुंचना हर किसी को चौंकाता है। इससे पहले शुक्रवार को सिर्फ रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह को लेह जाना था, लेकिन गुरुवार को उनके कार्यक्रम में बदलाव कर दिया गया। फिर तय हुआ था कि सिर्फ बिपिन रावत ही लेह जाएंगे।

 

भारत के 20 जवान शहीद हुए थे

गौरतलब है कि लद्दाख बॉर्डर पर तनाव के बीच 15 जून को गलवान घाटी में भारत और चीन के सैनिकों के बीच झड़प हुई थी। इस झड़प में भारत के 20 जवान शहीद हो गए थे और कुछ जवान घायल भी हुए थे। इस झड़प में चीन के भी काफी जवानों को नुकसान हुआ था, लेकिन चीन ने आंकड़ा जारी नहीं किया था।

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