ठंडक बढ़ने के कारण निमोनिया की चपेट में आ रहे हर उम्र के लोग, जानें इसका कारण, लक्षण, उपचार

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चैतन्य भारत न्यूज

निमोनिया एक ऐसी बीमारी है जो दुनिया भर में असंख्य लोगों को प्रभावित करती है। ठंड और बदलते मौसम का सेहत पर कई तरह से गहरा असर पड़ता है, जिससे कई बार व्यक्ति निमोनिया की चपेट में भी आ जाता है। वैसे तो निमोनिया आम बीमारी है लेकिन अगर इसका सही इलाज न हो तो यह बड़ी परेशानी का सबब भी बन सकती है।


क्या है निमोनिया

निमोनिया सांस से जुड़ी एक गंभीर बीमारी है। इसमें फेफड़ों (लंग्स) में इन्फेक्शन हो जाता है, फेफड़ों में सूजन आ जाती है और कई बार पानी भी भर जाता है। निमोनिया आमतौर पर बुखार या सर्दी-जुकाम होने के बाद होता है। यह 10-12 दिन में ठीक भी हो जाता है। लेकिन यदि इसका ठीक से इलाज न हो तो निमोनिया कई बार खतरनाक भी हो जाता है। खासतौर से 5 साल से छोटी उम्र के बच्चों और 60 साल से ज्यादा उम्र के लोगों के लिए यह खतरनाक साबित होता है, क्योंकि उनकी इम्युनिटी कम होती है। दुनिया भर में होने वाली बच्चों की मौतों में 18 फीसदी सिर्फ निमोनिया की वजह से होती हैं।

कैसे होता है निमोनिया

सर्दी-खांसी वाले मरीजों या फिर हवा में पहले से मौजूद बैक्टीरिया के सांस के जरिए शरीर में प्रवेश करने से निमोनिया होता है। विशेषज्ञों के मुताबिक, बारिश के कारण वातावरण में लगातार नमी बनी रहने से वायरस फैलते हैं। तेज धूप निकलने या फिर नमी के कम होने के बाद ही इसका असर कम होता है। कई बार लोग सर्दी-खांसी होने पर इसे मामूली परेशानी समझकर मेडिकल से दवाई ले लेते हैं। इससे या तो कुछ समय के लिए ठीक हो जाते हैं या फिर ठीक न होने पर लापरवाही करते हुए डॉक्टर के पास देरी से जाते हैं। इससे यह मामूली परेशानी निमोनिया में बदल जाती है।

निमोनिया के लक्षण

  •  तेज बुखार
  • बलगम वाली खांसी
  • कभी-कभी खांसी में हल्का-सा खून आना
  • सांस लेने में दिक्कत
  • दांत किटकिटाना
  • दिल की धड़कन का बढ़ना
  • सांस लेने की रफ्तार बढ़ना
  • उल्टी आना
  • दस्त
  • भूख न लगना
  • होंठों का नीला पड़ना
  • बहुत ज्यादा कमजोरी लगना, बेहोशी छाना

ऐसे रखें सावधानी

  • ध्यान रखें कि जब भी आप कहीं बाहर जाएं तो अपना मुंह ढक कर रखें।
  • छींक या खांसी आए तो मुंह पर कपड़ा रखें।
  • किसी व्यक्ति को खांसी-जुकाम के लक्षण हों, तो उसका जूठा खाना-पीना न लें।
  • सर्दी-जुकाम से पीड़ित व्यक्ति के कपड़े, रुमाल आदि का इस्तेमाल न करें।
  • घर या बाहर कुछ भी खाने-पीने से पहले अपने हाथों को अच्छी तरह से धोएं।
  • शरीर में पानी की कमी न होने दें।
  • यदि सर्दी-खांसी ज्यादा दिनों तक ठीक न हो तो तुरंत डॉक्टर को दिखाएं।
  • अपने आस-पास सफाई का बहुत ज्यादा ध्यान रखना।
विशेष ध्यानार्थः यह आलेख केवल पाठकों की अति सामान्य जागरुकता के लिए है। चैतन्य भारत न्यूज का सुझाव है कि इस आलेख को केवल जानकारी के दृष्टिकोण से लें। इनके आधार पर किसी बीमारी के बारे में धारणा न बनाएं या उसके इलाज का प्रयास न करें। यह भी याद रखें कि स्वास्थ्य से संबंधित उचित सलाह, सुझाव और इलाज प्रशिक्षित डॉक्टर ही कर सकते हैं।

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