चुनावी कार्यक्रम को लेकर नई गाइडलाइन जारी, अब चाहे जितनी भीड़ जुटाए, बस इन शर्तों का ख्याल रखना जरूरी

चैतन्य भारत न्यूज

गुरुवार को केंद्रीय गृह मंत्रालय ने 12 चुनावी राज्यों के लिए कोरोना दिशानिर्देशों को संशोधित किया है। इन 12 राज्यों में तत्काल प्रभाव से सरकार ने राजनीतिक रैलियां करने की अनुमति दी गई हैं। हालांकि इसके लिए कुछ शर्तें भी रखी गई हैं।

बता दें चुनाव आयोग ने बुधवार को कोरोना महामारी के दौरान चल रहे और भविष्य के चुनावों के लिए स्टार प्रचारकों से संबंधित मानदंडों को संशोधित किया था। इसके अनुसार, कोरोना महामारी के दौरान मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय / राज्य राजनीतिक दलों के लिए अधिकतम 30 स्टार प्रचारकों और गैर-मान्यता प्राप्त पंजीकृत राजनीतिक दलों के लिए 15 स्टार प्रचारकों की संख्या निर्धारित की गई है।

चुनाव आयोग ने इससे पहले ‘कोरोना काल’ में चुनाव कराने को लेकर 21 अगस्त को विस्तृत दिशानिर्देश जारी किए थे। यह दिशानिर्देश खासतौर से बिहार विधानसभा चुनाव और अन्य उपचुनावों के लिए जारी किए गए हैं। इसके मुताबिक, अब उम्मीदवार समेत सिर्फ पांच लोग डोर टू डोर कैंपेन में हिस्सा ले सकेंगे। उम्मीदवार जमानत की राशि ऑनलाइन भर सकेंगे। पब्लिक मीटिंग और रोड शो की अनुमति गृह मंत्रालय और राज्यों के कोरोना पर दिशानिर्देशों के अनुसार मिलेगी।

यह इन शर्तों के साथ मिलेगी अनुमति

  • बंद कमरे में हॉल की क्षमता के 50% ही लोग रह सकते हैं। यह संख्या 200 से ज्यादा नहीं हो सकती है।
  • सभी को मास्क पहनना अनिवार्य है। साथ में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना होगा। सभी की थर्मल स्क्रीनिंग की जाएगी और हैंड वॉश और सैनिटाइजर अनिवार्य है।
  • खुले इलाकों में ग्राउंड के आकार के अनुसार सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए लोगों को एकत्रित किया जा सकता है। सभी को सोशल डिस्टेंसिंग, मास्क और अन्य तरह के सुरक्षा पैरामीटर पूरे करने के बाद ही प्रवेश दिया जाएगा। इसमें थर्मल स्क्रीनिंग और हाथ धोने तथा सैनिटाइजर का उपयोग किया जाना अनिवार्य है।
  • आयोजक की जिम्मेदारी है कि वह कि वह इस पूरी गाइडलाइन का सख्ती से पालन करें।
  • पूरे कार्यक्रम की वीडियो ग्राफी कराना अनिवार्य है। उसकी रिकॉर्डिंग 48 घंटे में जिला प्रशासन को देना होगा।
  • कार्यक्रम की पहले से अनुमति लेना अनिवार्य है। इसमें स्थान, जगह और संख्या आदि की पूरी जानकारी देना होगा।

बता दें कि कोरोना महामारी के इस दौर में बिहार चुनाव दुनिया का पहला सबसे बड़ा चुनाव होगा। चुनाव की तारीखें तय हो गई हैं। यह चुनाव 28 अक्टूबर से तीन नवंबर तक तीन फेज में चुनाव होगा। नतीजे 10 नवंबर को आएंगे। 7।29 करोड़ मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल करेंगे। लेकिन इस बार का चुनाव पिछले चुनाव से काफी अलग होने जा रहा है और इसका कारण कोरोना वायरस है।

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