भाई और मां से बदला लेना चाहता था आरोपी, इसलिए प्रज्ञा ठाकुर को उनके नाम से भेजा धमकीभरा पत्र और रसायनिक पदार्थ

चैतन्य भारत न्यूज

भोपाल. मध्यप्रदेश के भोपाल से भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की सांसद साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर को कथित तौर पर संदिग्ध लिफाफे भेजने के मामले में एक शख्स को गिरफ्तार किया गया था। आरोपी की पहचान सैयद अब्दुल रहमान खान (35) के रूप में हुई है। उसे महाराष्ट्र के नांदेड़ से मध्य प्रदेश की आतंकवाद निरोधी दस्ते (एटीएस) ने गिरफ्तार किया 18 जनवरी को गिरफ्तार किया था। पूछताछ के लिए आरोपी को गिरफ्तार कर भोपाल लाया गया था जहां उसने कई खुलासे किए।

पूछताछ के दौरान सामने आया कि सैयद अब्दुल रहमान खान का अपने भाई हाफिजउर्रहमान और मां नासेह बेगम के साथ संपत्ति को लेकर विवाद चल रहा था। उसने भाई ने उसके खिलाफ 2014 में नांदेड़ में ही हत्या का प्रयास करने संबंधित रिपोर्ट दर्ज करवाई थी। इस कारण आरोपी को 18 दिन जेल में भी रहना पड़ा था। इन सब के कारण वह डिप्रेशन में आ गया था और सैयद अब्दुल रहमान ने अपने भाई, मां और इनका साथ देने वाले संबंधी और पड़ोसियों से बदला लेने की नीयत से कूटरचित दस्तावेज तैयार किए और उन सभी से बदला लेने का सोचा।

अब्दुल रहमान ने पहला पत्र अंसार उल मुसलमीन संगठन के नाम से उसके भाई के कॉलेज के चांसलर को सितंबर 2019 में भेजा था। लेकिन इस पत्र के खिलाफ कोई कार्यवाही नहीं हुई। फिर उसने दूसरा पत्र नांदेड के पुलिस अधीक्षक एवं डीएसपी को अगस्त 2019 में भेजा। इस पत्र पर भी कोई कार्यवाही नहीं हुई। दोनों पत्र पर कोई व कार्यवाही ना होने के चलते उसने तीसरा पत्र अक्टूबर 2019 में कश्मीर के नेता, साध्वी प्राची और साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर को भेजा। साध्वी प्रज्ञा को भेजे गए लिफाफे में उर्दू भाषा में एक पत्र, उसके भाई की मार्कशीट व अन्य दस्तावेज, मां का वोटर आईडी कार्ड भेजा था। इन सभी दस्तावेजों को भेजकर आरोपी अपनी मां और भाई को फंसाना चाहता था। आरोपी ने लिफाफे में मां और भाई का साथ देने वाले निकट संबंधी और पड़ोसियों के भी कुछ तस्वीरें भेजी थी। इन तस्वीरों को उसमें इंटरनेट एवं व्हाट्सएप डीपी से लिया था। लिफाफे में जहरीला रसायनिक पदार्थ भी था जिसे जांच के लिए एस.एफ.एल भेजा गया है। इसकी अंतिम रिपोर्ट आना बाकी है।

गुरुवार को हुआ गिरफ्तार

नांदेड के इतवारा पुलिस थाने के निरीक्षक प्रदीप ककाडे के मुताबिक, जांच के दौरान मध्यप्रदेश एटीएस को यह पता चला कि नांदेड के धानेगांव इलाके के डॉक्टर सैयद अब्दुल रहमान खान (35) ने यह संदिग्ध लिफाफे ठाकुर को भेजे थे। खान इस इलाके में अपना क्लीनिक चलाता है। आरोपी डॉक्टर पहले भी अफसरों को लिफाफे भेजने के आरोप में पकड़ा गया। मध्य प्रदेश एटीएस ने उसे गुरुवार को हिरासत में ले लिया।

पहले भी हो चुका है गिरफ्तार

प्रदीप ककाडे ने यह भी बताया कि, ‘खान पिछले तीन महीने से पुलिस के राडार पर था क्योंकि उसने पहले भी कुछ सरकारी अधिकारियों को पत्र लिखा था जिसमें उसने दावा किया था कि उसके मां और भाई के आतंकवादियों से संपर्क हैं और उन्हें गिरफ्तार किया जाना चाहिए।’ खान को ऐसे पत्र लिखने के लिए पहले भी गिरफ्तार किया जा चुका है। जानकारी के मुताबिक, पुलिस उसके मोबाइल फोन की लोकेशन के जरिए उस पर नजर रखे हुए थी। लेकिन वह अपना मोबाइल घर पर ही छोड़कर पत्रों को डालने औरंगाबाद, नागपुर और अन्य स्थानों पर जाता था।

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