इस भारतीय बिजनेसमैन ने कभी अपनी बेटी की शादी में खर्च किए थे 500 करोड़ रुपए, अब ब्रिटेन के सबसे बड़े दिवालिया घोषित हुए

चैतन्य भारत न्यूज

स्टील किंग लक्ष्मी मित्तल के छोटे भाई प्रमोद मित्तल ब्रिटेन के सबसे बड़े दिवालिया (बैंकरप्ट) घोषित हो गए हैं। यह वहीं प्रमोद मित्तल हैं जिन्होंने अपनी बेटी की शादी में करीब 500 करोड़ रुपए खर्च किये थे। उनका कहना है कि उनके ऊपर करीब 254 करोड़ पाउंड का कर्ज है और वे पत्नी के खर्चों पर पल रहे हैं।

प्रमोद मित्तल को बीते साल ही लंदन की इन्सॉल्वेंसी ऐंड कंपनीज कोर्ट ने दिवालिया घोषित कर दिया था। तब उनके पास 130 मिलियन पाउंड का कर्ज था। अब उन्होंने दावा किया है कि उनके ऊपर 2.5 बिलियन पाउंड (23,750 करोड़ रुपए) से ज्यादा का कर्ज है, जिसके बाद वह ब्रिटेन के सबसे बड़े दिवालिया घोषित किए जा सकते हैं। इसमें से 1.1 मिलियन पाउंड का कर्ज उन्होंने पत्नी संगीता से ले रखा है, जबकि बेटे दिव्येश से उन्होंने 2.4 मिलियन पाउंड का लोन लिया है। अपने साले अमित लोहिया का भी उन पर 1.1 मिलियन पाउंड का कर्ज है।

मित्तल ने कहा है कि उन्होंने अपनी सारी संपत्ति एक डील में गंवा दी है। अब उनके पास आय का कोई साधन नहीं बचा है, उनके पास बस दिल्ली के पास एक जमीन है। जमीन की कीमत कभी 45 पौंड (4300 रुपए) थी। मित्तल का कहना है कि उनके पास कुल जमा डेढ़ करोड़ रुपए बच गए हैं। बीते साल लंदन की कोर्ट में प्रमोद मित्तल ने कहा था कि मेरी कोई निजी आय नहीं है। उनका कहना था कि मेरी पत्नी आर्थिक तौर पर मुझसे पूरी तरह से अलग और स्वतंत्र है। प्रमोद मित्तल ने कहा था कि हम लोगों के अलग-अलग बैंक खाते हैं और उनकी इनकम के बारे में मुझे बेहद कम जानकारी है। मेरा मासिक खर्च करीब 2,000 से 3,000 पाउंड तक का है, जो मेरा परिवार और पत्नी वहन करते हैं। यहां तक कि बैंकरप्सी की लीगल कॉस्ट भी थर्ड पार्टी की ओर से दी जा रही है। कुछ इसी तरह के तर्क अनिल अंबानी ने भी पिछले दिनों लंदन की ही अदालत में दिए थे।

प्रमोद मित्तल पर भारत की जांच एजेंसी सीबीआई ने भी एफआईआर दर्ज की थी, लेकिन बीते साल बड़े भाई लक्ष्मी मित्तल की मदद के चलते वह कार्रवाई से बच गए थे। दरअसल प्रमोद मित्तल पर भारत की सरकारी कंपनी स्टेट ट्रेडिंग कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया का 2,210 करोड़ रुपए बकाया था। इस रकम को लक्ष्मी मित्तल ने अदा किया था और इस तरह से प्रमोद मित्तल कानूनी कार्रवाई से बच सके थे। लक्ष्मी मित्तल की दानवीरता को लेकर प्रमोद मित्तल ने धन्यवाद देते हुए कहा था, ‘मैं अपने भाई लक्ष्मी मित्तल का बहुत आभारी हूं, जिन्होंने स्टेट ट्रेडिंग कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया में मेरे बकाये को चुकाने में मदद की। इसके चलते सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार पेमेंट करने में मदद मिली है।’

प्रमोद एक हजार कर्मचारियों वाली इस फर्म को साल 2003 से संचालित कर रहे थे। वह जीआईकेआईएल के सुपरवाइजरी बोर्ड के मुखिया थे। प्रमोद को इस प्लांट के खाते से करीब 84 करोड़ रुपए के संदिग्ध ट्रांसफर के बारे में पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया था। यह ट्रांसफर साल 2006 से 2015 के बीच किए गए थे। इस प्लांट में एक स्थानीय पब्लिक कंपनी (केएचबी) का भी स्वामित्व है। पिछले साल उन्हें 92 करोड़ रुपए की जमानत दिए जाने के बाद रिहा किया गया था। तब मीडिया में यह खबर आने लगी थी कि दोनों भाइयों के बीच संपत्ति को लेकर विवाद हो गया है।

आर्सेलर के कारोबार में प्रमोद की हिस्सेदारी 28,200 करोड़ रुपए की दुनिया की सबसे बड़ी स्टील निर्माता कंपनी आर्सेलर मित्तल का लक्जमबर्ग स्थित कारोबार 84,600 करोड़ रुपए का है। इसमें प्रमाेद की हिस्सेदारी 28,200 करोड़ रुपए है। ब्रिटेन में हाल में जारी टाइम रिच लिस्ट के अनुसार क्वींस पार्क रेंजर्स फुटबॉल क्लब में उनकी 20 फीसदी की हिस्सेदारी है और उसकी लागत 50 हजार करोड़ रुपए है। बड़े भाई लक्ष्मी मित्तल ब्रिटेन के 19वें सबसे अमीर आदमी हैं। वे ब्रिटेन के पॉश इलाके मेफेयर में 2000 करोड़ रुपए की हवेली के मालिक हैं।

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