प्रयागराज के काले चावल की दुनियाभर में मांग, अब आस्ट्रेलिया और अमेरिका भेजा जाएगा, जानिए इसके फायदे

चैतन्य भारत न्यूज

प्रयागराज के काले चावल की मांग आस्ट्रेलिया और अमेरिका जैसे देशों में भी होने लगी है। पहली बार 300 क्विंटल काले चावल का निर्यात किया जाएगा। जानकारी के मुताबिक, बासमती चावल सहित अन्य किस्म के चावल का विदेशों में निर्यात करने वाली दिल्ली की फर्म केआरबीएल किसानों से 7000 रुपए प्रति क्विंटल में काला चावल खरीदेगी।

इन बीमारियों के लिए कारगर

दरअसल, काला चावल शुगर फ्री होता है। यह कैंसर और ब्लड प्रेशर जैसी बीमारियों के लिए कारगर है। इसी वजह से विदेशों इसकी मांग बढ़ रही है। धरावत्स बायो एनर्जी फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड बुदावा जसरा के निदेशक त्रिभुवन पटेल ने बताया कि, 60 किसान मिलकर कंपनी को काला चावल उपलब्ध कराएंगे। अगले महीने केआरबीएल धान खरीदने शहर आएगी।

जिला कृषि अधिकारी डॉ. अश्वनी कुमार सिंह ने बताया कि, कंपनी की और से पिछले कई महीनों से विदेश भेजने के लिए काले धान को खरीदन की बात हो रही थी लेकिन कीमत और उपज को लेकर बात नहीं बन रही थी, लेकिन इस बार किसानों ने लगन से काले धान की बेहतर खेती कर किसानी का नया अध्याय लिखना शुरू किया।

400 बीघा में होती है काले धान की खेती

जिला कृषि अधिकारी ने यह भी बताया कि, पहले दस हेक्टेयर के आसपास जिले में काले चावल की खेती 30 से 40 किसान करते थे, लेकिन अब 400 बीघा में 250 किसान काला चावल की खेती करते हैं। बताया अगले वर्ष 100 बीघा अतिरिक्त काले चावल की खेती कराई जाएगी। काला चावल की खेती में रसायन का प्रयोग नहीं किया जाता है। यह चावल जैविक खेती से उगाया जाता है। कम लागत में बेहतर मुनाफा मिलता है।

औषधि के रूप में कर सकते हैं इसका उपयोग

काले चावल का उपयोग औषधि के रूप में भी किया जाता है। इसमें एंटी आक्सीडेंट ज्यादा होता है। विटामिन ई, फाइबर और प्रोटीन अधिक पाया जाता है। जो कैंसर, शुगर और बीपी जैसी बिमारी को नियंत्रित करता है। पाचन क्रिया भी बढ़ता है, मोटापा भी इसके सेवन से कम होता है।

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