प्रयागराज : निषाद पार्टी के अध्यक्ष संजय निषाद पर फूटा ग्रामीणों का गुस्सा, खूब दौड़ाया, भागकर बचाई जान

चैतन्य भारत न्यूज

प्रयागराज. उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में निषाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉक्टर संजय निषाद को ग्रामीणों ने दौड़ा दिया। घटना यमुनापार इलाके की है। दरअसल, गुरुवार को अवैध खनन रोकने गई पुलिस कार्रवाई और नाविकों की नाव तोड़े जाने तथा मजदूरों की पिटाई से आक्रोशित बालू मजदूरों का गुस्सा शुक्रवार को फूट पड़ा। निषाद अवैध बालू खनन रोकने पर पुलिस द्वारा की गई सख्ती के विरोध में ग्रामीणों से मिलने गए थे। इसी दौरान ग्रामीणों से उनकी झड़प हो गई। मौके पर मौजूद सुरक्षाकर्मियों ने संजय निषाद को सुरक्षित बाहर निकाला।

ये है पूरा मामला

दरअसल, एक दिन पहले गुरुवार को नैनी कोतवाली के मोहब्बतगंज, ठकुरी का पुरवा और घूरपुर थाना क्षेत्र के बसवार गांव में एडीएम प्रशासन की अगुवाई में यमुना घाटों पर पहुंची पुलिस टीम ने घाट पर डंप की गई हजारों टन बालू जेसीबी मशीन से नदी में फेंकवा दी थी। इस दौरान तोड़फोड़ कर कई नावों को क्षतिग्रस्त कर दिया गया था। इस दौरान कई लोगों की पिटाई की बात भी सामने आई। इसे लेकर मजदूरों, ग्रामीणों में भारी गुस्सा था। इस कार्रवाई के बाद शुक्रवार को निषाद पार्टी के डॉ. संजय निषाद, पीयूष रंजन निषाद, दल बल के साथ बसवार गांव पहुंचे। यहां गुस्साए ग्रामीणों ने उन्हें दौड़ा लिया। इस दौरान उनसे धक्का-मुक्की भी हुई। मौके पर संजय निषाद के सुरक्षाकर्मियों ने किसी तरह सुरक्षित बाहर निकाल ले आए।

किया चक्का जाम

इस घटना के बाद डॉ. संजय निषाद ने सैकड़ों समर्थकों के साथ मामा भांजा बाजार में प्रयागराज रीवा राष्ट्रीय मार्ग पर जाम कर दिया। मौके पर तत्काल कई थानों की फोर्स और पीएसी भेजी गई और तकरीबन आधे घंटे बाद मौके पर पहुंचे एसडीएम बारा ने सांसद की वरिष्ठ अधिकारियों से बात कराई। नैनी थाने के एक इंस्पेक्टर ने सांसद से जाम समाप्त करने को कहा तो उनका गुस्सा और फूट पड़ा। सांसद ने इंसपेक्टर को जमकर फटकार लगाई। चक्काजाम से हाइवे पर दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतार लग गई। तकरीबन आधे घंटे बाद मौके पर पहुंचे एसडीएम बारा विनोद कुमार पांडेय ने सांसद की वरिष्ठ अधिकारियों से बात कराई। अधिकारियों से सांसद की मांग थी कि दोषी पुलिस वालों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जाए। मजदूरों पर दर्ज किए गए मुकदमे वापस लिए जाएं।

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