महाराष्ट्र में लागू हुआ राष्ट्रपति शासन, रामनाथ कोविंद ने दी मंजूरी

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चैतन्य भारत न्यूज

मुंबई. पिछले कई दिनों से महाराष्ट्र में हो रही राजनीतिक हलचल के बाद भी जब किसी पार्टी की सरकार नहीं बनी तो राज्य में राष्ट्रपति शासन लागू कर दिया गया है। बता दें राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने राज्य में राष्ट्रपति शासन लगाए जाने की सिफारिश की थी, जिसे पहले मोदी कैबिनेट ने मंजूरीदे दी थी और अब राष्ट्रपति से भी इसे मंजूरी मिल गई है।



राष्ट्रपति शासन लागू होने के बाद भी महाराष्ट्र में सरकार बनाने का विकल्प अभी खत्म नहीं हुआ है। इसके लिए राजनीतिक दलों को राज्यपाल को विश्वास दिलाना होगा कि उनके पास बहुमत का आंकड़ा है। इसके बाद राज्यपाल के ऊपर यह निर्भर करेगा कि वह सरकार गठन के लिए राज्य से राष्ट्रपति शासन को हटाकर सरकार बनाने के लिए अमंत्रित करते हैं या नहीं।

कब लागू होता है राष्ट्रपति शासन

यदि राज्य सरकार केंद्र सरकार द्वारा दिये गए संवैधानिक निर्देशों का पालन नहीं करती है तो उस हालत में भी राज्य में राष्ट्रपति शासन लगाया जा सकता है। राष्ट्रपति शासन लगने के बाद राज्य सीधे केंद्र के नियंत्रण में आ जाता है। किसी भी राज्य में राष्ट्रपति शासन लगाए जाने के दो महीनों के अंदर संसद के दोनों सदनों से इसका अनुमोदन किया जाना जरूरी है।

कैसे लगता है राष्ट्रपति शासन

किसी भी राज्य में एक बार में अधिकतम 6 महीने के लिए ही राष्ट्रपति शासन लगाया जा सकता है। इसके लिए भी हर 6 महीने में दोनों सदनों से अनुमोदन जरूरी है। राज्य में राष्ट्रपति शासन लगने के बाद अगर कोई राजनीतिक दल सरकार बनाने के लिए जरूरी सीटें हासिल कर लेता है, तो राष्ट्रपति शासन हटाया भी जा सकता है।

शिवसेना तय सीमा में नहीं दे पाई समर्थन पत्र

गौरतलब है कि 24 अक्टूबर को ही महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के नतीजे आ गए थे। नतीजों में बीजेपी-शिवसेना गठबंधन को स्पष्ट बहुमत था। लेकिन शिवसेना के मुख्यमंत्री पद और सरकार में 50-50 फॉर्मूले पर अड़ जाने के कारण उनकी सरकार का गठन नहीं हो सका। कम सीट होने के चलते बीजेपी ने अपने कदम पीछे खींच लिए। जबकि, शिवसेना तय समय सीमा में 145 विधायकों का समर्थन पत्र राज्यपाल को नहीं दे पाई। फिर राज्यपाल ने महाराष्ट्र की तीसरी सबसे बड़ी पार्टी एनसीपी को सरकार बनाने के लिए मंगलवार शाम साढ़े 8 बजे तक समर्थन जुटाने का समय दिया था। जब एनसीपी भी कुछ नहीं कर पाई तो राज्य में राष्ट्रपति शासन लागू हो गया।

ये हैं महाराष्ट्र चुनाव के नतीजे

महाराष्ट्र में किसी एक दल को पूर्ण बहुमत नहीं मिला। नतीजों के मुताबिक, महाराष्ट्र में बीजेपी के पास 105 सीटें, शिवसेना की 56, एनसीपी की 54 और कांग्रेस के विधायकों की संख्या 44 है। इसके अलावा समाजवादी पार्टी को 2, एमआईएम को 2, एमएनएस व सीपीआई को एक-एक और अन्य को 23 सीटें मिली हैं। महाराष्ट्र विधानसभा में कुल 288 सीटें हैं और बहुमत के लिए 145 सदस्यों का समर्थन चाहिए।

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